नयी दिल्ली, 13 दिसंबर संसद ने 76 अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने के प्रावधान वाले विधेयक को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी और सरकार ने कहा कि यह कदम जीवन और व्यापार की सुगमता की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
राज्यसभा ने निरसन और संशोधन विधेयक, 2023 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
लोकसभा ने इस साल 27 जुलाई को इस विधेयक को मंजूरी दी थी।
सरकार ने पिछले साल दिसंबर में 65 पुराने कानूनों को खत्म करने के लिए निरसन और संशोधन विधेयक पेश किया था। लेकिन यह विधेयक विभिन्न सत्रों में चर्चा के लिए नहीं आ सका।
सरकार ने बाद में सूची में 11 और कानूनों को जोड़ने के लिए संशोधन पेश किया, जिससे ऐसे कानूनों की कुल संख्या 76 हो गई।
विधेयक में भूमि अधिग्रहण (खान) अधिनियम, 1885 और टेलीग्राफ वायर (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम, 1950 जैसे पुराने कानूनों को निरस्त करने का प्रस्ताव है।
विधेयक में हाल में संसद द्वारा पारित कुछ विनियोग अधिनियमों को भी निरस्त करने का प्रावधान है।
विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से नरेन्द्र मोदी सरकार ने जीवन को सुगम बनाने के लिए 1,486 निष्क्रिय कानूनों को निरस्त किया है।
उन्होंने कहा कि 76 और कानूनों को जोड़ने के साथ ही इस सूची में अब ऐसे 1,562 कानून शामिल हो गए हैं।
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