नयी दिल्ली, 21 जुलाई संसद ने सोमवार को पोत परिवहन क्षेत्र से संबंधित ‘वहन-पत्र विधेयक 2025’ को मंजूरी प्रदान कर दी, जिसमें अंग्रेजों के जमाने के मूल कानून के स्थान पर नया कानून बनाए जाने का प्रावधान है।
राज्यसभा ने सोमवार को चर्चा के बाद ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही मंजूरी दे चुकी है।
उच्च सदन में इस विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस विपक्ष के सदस्य मौजूद नहीं थे। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सदन से बहिर्गमन किया था।
सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस मंत्रालय ने पिछले 10-11 साल में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है और देश के प्रमुख पत्तनों को रेल एवं सड़क मार्गों से सुचारू रूप से जोड़ा गया है।
सोनोवाल ने कहा कि इस मंत्रालय की कामयाबी न सिर्फ भारतीय एजेंसी बल्कि विदेशी और निष्पक्ष एजेंसियों के आंकड़ों से भी स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि ‘कार्गो हैंडलिंग’ का विषय हो या तटीय सामुदायिक विकास का क्षेत्र, उनके मंत्रालय ने उल्लेखनीय कामयाबी हासिल की है।
उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय अंतरदेशी जलमार्गों के विकास पर भी जोर दे रहा है।
मंत्री ने कहा कि 1856 के मूल कानून के स्थान पर नया कानून बनाने के लिए यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने व्यापार और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए इस विधेयक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अंग्रेजों ने अपने हिसाब से मूल कानून बनाया था और उसमें बदलाव कर उसे भारतीय हितों के अनुकूल बनाया गया है।
वहन-पत्र एक दस्तावेज होता है जिसमें ढोए जा रहे माल के प्रकार, मात्रा, स्थिति और गंतव्य जैसे विवरण होते हैं।
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