प्रयागराज, सात अगस्त एसटीएफ की नोएडा इकाई ने रंगदारी मांगने के मामले में काफी समय से फरार और अतीक अहमद गिरोह के सक्रिय सदस्य जावेद उर्फ पप्पू गंजिया को सोमवार को राजस्थान के अजमेर से गिरफ्तार किया।
पुलिस उपाधीक्षक (एसटीएफ) नवेंदु कुमार के मुताबिक, जावेद उर्फ पप्पू गंजिया को सोमवार को सुबह करीब सात बजे अजमेर के बागे ए रहमत होटल से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि पचास हजार रुपये के इनामिया अपराधी पप्पू गंजिया के बारे में एसटीएफ की नोएडा इकाई से सूचना साझा की गई थी।
नवेंदु कुमार के मुताबिक, 51 वर्षीय जावेद उर्फ पप्पू गंजिया ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 1989 में उसके चचेरे भाई महबूब अली के ठेकेदारी के काम को लेकर गुलाब महरा से रंजिश हो गई थी और पप्पू गंजिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर गुलाब महरा की हत्या कर दी थी।
उन्होंने बताया कि गुलाब महरा की हत्या के संबंध में नैनी थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और वह जेल गया था। उन्होंने बताया कि जेल से छूटने के बाद वह महकू पासी, छम्मन, ताजूद्दीन उर्फ ताजू और मंसूर अहमद के साथ आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा।
नवेंदु कुमार के मुताबिक, पप्पू गंजिया के साथी ताजू और महकू पासी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। उन्होंने बताया कि पप्पू गंजिया ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गुलाब महरा के पोते आनंद महरा की भी 2001 में हत्या कर दी थी और इस मामले में वह जेल गया था।
उन्होंने बताया कि इसके बाद, पप्पू गंजिया धीरे-धीरे विवादित संपत्तियों में दखल देने के साथ ही रंगदारी मांगने लगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नैनी थाने में पिछले वर्ष मामला दर्ज किया गया था और इसी मामले में वह वांछित था और उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
उन्होंने बताया कि जावेद उर्फ पप्पू गंजिया नैनी का ‘हिस्ट्रीशीटर’ है जिसका ‘हिस्ट्रीशीट’ नंबर 06ए है। उन्होंने बताया कि इसके खिलाफ प्रयागराज के विभिन्न थानों में 40 मामले दर्ज हैं।
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