(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 30 जनवरी जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को गोपनीयता का उल्लंघन करने के मामले में मंगलवार को 10-10 साल जेल की सजा सुनाई गई।
इसके साथ ही आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव में सत्ता में लौटने के उनके प्रयास को झटका लगा है।
शासकीय गोपनीयता अधिनियम के तहत रावलपिंडी की अडियाला जेल में स्थापित की गई विशेष अदालत में मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधीश अबुल हसनत जुल्करनैन ने दोनों नेताओं को सजा सुनाई।
भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने के बाद खान पहले ही तीन साल की जेल की सजा काट रहे हैं।
इस मामले का संबंध गोपनीय राजनयिक दस्तावेज के खुलासे से हैं। खान ने 27 मार्च, 2022 को एक सार्वजनिक रैली में अमेरिका का नाम लेते हुए दावा किया था कि यह उनकी सरकार को गिराने की एक ‘अंतरराष्ट्रीय साजिश’ का सबूत है।
संघीय जांच एजेंसी ने पिछले साल 15 अगस्त को खान और कुरैशी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
यह फैसला आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव से नौ दिन पहले आया है। खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) अपने नेताओं पर कार्रवाई और बिना चुनावी चिह्न के यह चुनाव लड़ रही है।
‘डॉन’ की खबर के अनुसार, इमरान और कुरैशी दोनों जेल में हैं। इमरान की उम्मीदवारी खारिज कर दी गयी है जबकि कुरैशी को थार से नेशनल असेंबली की सीट पर चुनाव लड़ने की मंजूरी दे दी गयी है। लेकिन आज की सजा का मतलब है कि दोनों अगले पांच साल तक चुनाव लड़ने से अयोग्य हो गए हैं।
खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने घटनाक्रम की पुष्टि करते हुये कहा कि यह एक ‘‘झूठा मामला है। मीडिया या जनता को इससे दूर रखा गया।’’
उनकी पार्टी ने व्हॉट्सएप संदेश में कहा, ‘‘ हमारी कानूनी टीम इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देगी। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने मामले की लचर सुनवाई के तहत दो बार कार्यवाही को रद्द कर दिया था, मीडिया तथा जनता की पहुंच का आदेश दिया था। फिर भी कानूनी टीम को जाने नहीं दिया गया, उसे अलग रखा गया और जल्दबाजी में निर्णय लिया गया। ऐसे में उम्मीद है कि उपरोक्त तथ्यों के मद्देनजर सजा को निलंबित कर दिया जाएगा।’’
पीटीआई नेताओं को पहली बार अक्टूबर 2023 में दोषी ठहराया गया था, लेकिन इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने इस फैसले को पलट दिया था। दिसंबर में उन्हें फिर से दोषी ठहराया गया।
पीटीआई नेता गौहर खान ने कहा कि विशेष अदालत के न्यायाधीश ने जल्दबाजी में फैसला सुनाया। मुकदमे की सुनवाई कानून और संविधान के अनुसार नहीं की गयी।
मीडिया से बातचीत में इमरान खान की बहन अलीमा खान ने आरोप लगाया कि कोई न्यायाधीश जुल्करनैन को ‘‘निर्देश दे रहा है।’’
‘जियो न्यूज’ से बातचीत में पीटीआई के वकील बैरिस्टर अली जफर ने कहा कि वह कल इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में अपील दायर करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मुकदमे की सुनवाई अच्छी चल रही थी लेकिन हाल के दिनों में न्यायाधीश ने सबकुछ बदल दिया। आपराधिक मुकदमे को निष्पक्ष होना चाहिए।’’
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने इमरान खान के हवाले से कहा कि उन्होंने अपनी सरकार के खिलाफ एक साजिश का पर्दाफाश करने के लिए अपनी पार्टी की रैली में केवल ‘‘कागज का एक टुकड़ा’’ लहराया था।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) समेत प्रमुख राजनीतिक दलों ने इमरान खान को मिली 10 साल की जेल की सजा पर खुशी जतायी।
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