विदेश की खबरें | विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट से कर्ज चूक का सामना कर रहा पाकिस्तान, असमंजस में चीन
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

बीजिंग, 20 फरवरी पाकिस्तान के विदेशी ऋण चुकाने में चूक की संभावना के साथ गंभीर आर्थिक संकट में फंसते देख चीन ने सोमवार को कहा कि वह इस संकट से निपटने के लिए अपने ‘‘सदाबहार मित्र’’ द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन करता है। साथ ही चीन ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान मुश्किल वक्त से निकलने में सक्षम होगा।

पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा चीन से कर्ज ले रखा है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) द्वारा सोमवार को साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान का चालू खाता घाटा जनवरी में 90.2 फीसदी घटकर 0.24 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल इसी महीने में 2.47 अरब डॉलर था। आयात पर पाबंदी के साथ भुगतान संतुलन संकट ने देश को भुगतान चूक के कगार पर पहुंचा दिया है।

‘डॉन’ अखबार ने सोमवार को बताया कि दिसंबर के 0.29 अरब डॉलर की तुलना में घाटे में 16.55 फीसदी की कमी आई है। विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान, श्रीलंका की तरह आर्थिक संकट के करीब पहुंच रहा है और गहरे कर्ज में डूबे अफ्रीकी देश भी चीन के लिए एक तरह का संकट बन रहे हैं। कर्ज चूक से चीन को भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसकी अर्थव्यवस्था सुस्ती का सामना कर रही है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रविवार को एक चौंकाने वाली टिप्पणी में कहा कि पाकिस्तान पहले ही भुगतान चूक कर चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘आप जान गए होंगे कि पाकिस्तान दिवालिया हो रहा है या भुगतान चूक का सामना कर रहा है। ऐसा हो चुका है। हम एक दिवालिया देश में रह रहे हैं।’’

आसिफ की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय ने यहां ‘पीटीआई’ को लिखित जवाब में कहा कि चीन को पाकिस्तान से सहानुभूति है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘सदाबहार रणनीतिक सहकारी साझेदार और ‘कट्टर’ मित्र के रूप में, चीन पाकिस्तान की मौजूदा कठिनाइयों के प्रति सहानुभूति रखता है और इससे निपटने के लिए सक्रिय कदम उठाने में पाकिस्तान का समर्थन करता है।’’

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘चीन दोनों देशों के पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को दृढ़ता से बढ़ावा देना जारी रखेगा और पाकिस्तान को स्थिरता तथा सतत विकास हासिल करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।’’

मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम मानते हैं कि पाकिस्तान कठिनाइयों को दूर करने और स्थिर आर्थिक और सामाजिक विकास हासिल करने में सक्षम होगा।’’

चीन पहले से ही इस बात को लेकर असमंजस में है कि श्रीलंका को कैसे समर्थन दिया जाए, जो पहले से ही अपने 51 अरब डॉलर के विदेशी ऋण पर भुगतान में चूक कर चुका है, जिसमें चीन का 20 प्रतिशत ऋण भी शामिल है।

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