विदेश की खबरें | पाक विदेश मंत्री ने सिंधु जल संधि के तहत अपने अधिकारों की रक्षा के लिए 'उचित कदम' उठाने का वादा किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लामाबाद, 28 अप्रैल पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने सोमवार को कहा कि वह सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के अधिकारों की रक्षा के लिए "सभी उपयुक्त कदम" उठाएंगे।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, डार ने सिंधु जल संधि पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कानून एवं न्याय मंत्री आजम नजीर तरार, अटॉर्नी जनरल मंसूर अवान और वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए।

कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।

डार ने कहा कि भारत द्वारा सिंधु जलसंधि को एकतरफा स्थगित करना अंतरराष्ट्रीय कानून और संबंधों के स्थापित मानदंडों का उल्लंघन है।

इस बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नदियों के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार करने का निर्देश दिया।

नेता बिलावल भुट्टो-जरदारी ने कहा कि "या तो सिंधु नदी में पानी बहेगा या खून।"

भारत द्वारा सिंधु जलसंधि को स्थगित करने के जवाब में पाकिस्तान ने शिमला समझौते को निलंबित करने और अन्य द्विपक्षीय समझौतों पर पुनर्विचार करने की धमकी दी है।

चीन ने सोमवार को भारत-पाकिस्तान के बीच स्थिति को "शांत करने" के लिए हरसंभव प्रयास का समर्थन करने की बात कही।

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