पणजी, दो जुलाई मशहूर चित्रकार दिवंगत मारियो मिरांडा के परिजनों ने कथित तौर पर अनुमति के बिना उनकी कलाकृतियों का इस्तेमाल करने को लेकर गोवा सरकार और राज्य में जी-20 की बैठकों के आयोजकों के खिलाफ मुकदमा करने की चेतावनी दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
‘मारियो गैलरी’ के क्यूरेटर जेरार्ड डी ने बताया कि मिरांडा के परिवार ने 2011 में इस गैलरी की स्थापना की, जो विभिन्न तरीकों से उनकी विरासत की देखभाल करती है। इसमें किताबें प्रकाशित करना, प्रदर्शनियों का आयोजन करना, मूल पेंटिंग बेचना, चित्रों को प्रमाणित करना, उपयोग की अनुमति देना, उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘जी-20 कार्यक्रम के दौरान गैलरी की अनुमति के बिना मारियो मिरांडा की कलाकृतियों का इस्तेमाल किया गया। आयोजकों ने मिरांडा की पेंटिंग का इस्तेमाल किया और इसे विशिष्ट जनों को उपहार के रूप में दिया जा रहा है।’’
क्यूरेटर ने कहा, ‘‘ओल्ड गोवा और डोना पाउला में फाइबर ग्लास की 16 मूर्तियां प्रदर्शित की गईं। ये मूर्तियां दिवंगत मिरांडा द्वारा विकसित मूर्तियों से नकल की गई हैं। मारियो गैलरी सोमवार को राज्य के मुख्य सचिव (पुनीत कुमार गोयल) और जी-20 के नोडल अधिकारी (संजीत रोड्रिग्स) को कानूनी नोटिस जारी करेगी।’’
इस बारे में पूछे जाने पर, जी-20 के नोडल अधिकारी संजीत रोड्रिग्स ने कहा, ‘‘हमने उचित तरीके से अपना कार्य किया है। अगर हमें कोई नोटिस मिलता है, तो हम इसका जवाब देंगे।’’
मडगांव के पास दक्षिण गोवा के लौटोलिम गांव के निवासी मिरांडा का 11 दिसंबर, 2011 को निधन हो गया। उन्हें वर्ष 2012 में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
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