देश की खबरें | पहलगाम हमला: कानपुर के व्यवसायी शुभम द्विवेदी की मौत, मुख्यमंत्री ने जाना परिवार का हाल

कानपुर (उप्र), 23 अप्रैल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों में उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी 31 वर्षीय व्यवसायी शुभम द्विवेदी भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के जिलाधिकारी को फोन करके पीड़ित परिवार का हाल जाना और उसकी हर संभव मदद करने के आदेश दिये।

शुभम की शादी इसी साल 12 फरवरी को हुई थी और उनकी हत्या उनकी पत्नी आशान्या के सामने हुई।

सीमेंट व्यवसाय से जुड़ी एक ट्रेडिंग कंपनी चलाने वाले शुभम 16 अप्रैल को अपनी पत्नी और परिवार के नौ अन्य सदस्यों के साथ जम्मू-कश्मीर में एक सप्ताह की छुट्टी मनाने गये थे। उनके माता-पिता, बहन, बहनोई और उनकी बहन के ससुराल के लोगों ने पहलगाम पहुंचने से पहले सोनमर्ग और गुलमर्ग का दौरा किया था।

शुभम के चाचा मनोज द्विवेदी के अनुसार नवविवाहित जोड़े ने मंगलवार को दोपहर में पहलगाम में घुड़सवारी करने का फैसला किया, जबकि परिवार के बाकी लोग अपने होटल के पास ही रुके थे।

उन्होंने बताया कि इसी दौरान दो-तीन आतंकवादी शुभम और उसकी पत्नी के पास पहुंचे। हमलावरों ने उनसे पहचान पूछने के बाद शुभम के सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने मनोज को फोन पर यह खबर दी।

द्विवेदी ने बताया कि परिजन शुभम का शव कानपुर वापस लाने के लिए दिल्ली रवाना हो चुके हैं।

पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और इस मुश्किल घड़ी में उनकी मदद के लिए अधीनस्थों को जरूरी निर्देश दिए हैं।

शुभम के चचेरे भाई सौरभ द्विवेदी ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि आतंकवादियों ने पहले शुभम से ‘कलमा’ (इस्लामी आस्था की घोषणा) पढ़ने को कहा और ऐसा न करने पर उसके सिर में गोली मार दी।

सौरभ ने आगे बताया कि शुभम की हत्या करने के बाद एक आतंकवादी ने उसकी पत्नी की ओर मुड़कर कहा, ‘‘अपनी सरकार को बताओ कि हमने तुम्हारे पति के साथ क्या किया।’’

जिलाधिकारी (डीएम) जितेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस आयुक्त (सीपी) के साथ बुधवार को शोकाकुल परिवार और उनके रिश्तेदारों से मुलाकात की। एक अधिकारी ने पुष्टि की कि जिला प्रशासन ने उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

सिंह ने शुभम के चाचा मनोज द्विवेदी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गहरी चिंता से अवगत कराया।

उन्होंने 'पीटीआई-' को बताया, "मुख्यमंत्री जी ने फोन पर मुझसे पीड़ित के परिवार के बारे में जानकारी ली और उन्होंने दुख की इस घड़ी में पीड़ित के पैतृक गांव में परिवार से मिलने और उन्हें सांत्वना देने के लिए व्यक्तिगत रूप से जाने का निर्देश दिया।"

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