देश की खबरें | ओवैसी ने आनंद मोहन की रिहाई को लेकर बिहार सरकार की आलोचना की

हैदराबाद, 27 अप्रैल बिहार में आईएएस अधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह की रिहाई को लेकर नीतीश कुमार सरकार की आलोचना करते हुए एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बृहस्पतिवार को मांग की कि राज्य सरकार अपने फैसले को वापस ले।

उन्होंने सवाल किया कि खुद को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करते हुए देश के अन्य राज्यों का दौरा कर रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या यह संदेश देंगे कि उनकी सरकार ने एक दलित अधिकारी की हत्या के दोषी व्यक्ति को रिहा कर दिया है।

उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन को 15 साल बाद बृहस्पतिवार को सुबह सहरसा जेल से रिहा कर दिया गया।

गैंगस्टर से नेता बने मोहन की रिहाई ‘जेल सजा छूट आदेश’ के तहत हुई है। गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में मोहन को दोषी ठहराया गया था। वर्ष 1994 में मुजफ्फरपुर के गैंगस्टर छोटन शुक्ला की शवयात्रा के दौरान आईएएस अधिकारी कृष्णैया की हत्या कर दी गई थी। कृष्णैया तेलंगाना से ताल्लुक रखते थे।

ओवैसी ने सिंह को रिहा करने के बिहार सरकार के फैसले को ‘‘दूसरी बार कृष्णैया की हत्या’’ करार दिया।

ओवैसी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह खेदजनक है कि बिहार में आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन इस मुद्दे पर चुप है।

उन्होंने पूछा कि एक व्यक्ति को रिहा करने के लिए जेल नियमों में संशोधन क्यों किया गया है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख ने उम्मीद जताई कि नीतीश कुमार अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे।

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