बेंगलुरु, 15 मई कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार के बाद निवर्तमान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार को यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों से मुलाकात की और चुनाव परिणाम तथा भविष्य के लिए पार्टी को फिर से तैयार करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
गत 13 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद बोम्मई का यहां भाजपा के वैचारिक मातृ संगठन के राज्य मुख्यालय ‘केशव कृपा’ का यह पहला दौरा था।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने समग्र चुनाव परिणामों पर चर्चा की है। हमने इस बात पर भी चर्चा की है कि आने वाले दिनों में (आरएसएस के) मार्गदर्शन के तहत पार्टी को कैसे संगठित किया जाए। हमारे प्रदेश अध्यक्ष (नलिन कुमार कतील) शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करेंगे और उसके बाद आने वाले दिनों में पार्टी को कैसे संगठित किया जाए, इस रणनीति पर काम करेंगे।’’
राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को हुए चुनाव में कांग्रेस ने 135 सीटों के साथ शानदार जीत दर्ज की थी जबकि सत्तारूढ़ भाजपा और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा के नेतृत्व वाले जनता दल (सेक्युलर) ने क्रमश: 66 और 19 सीटें जीती थीं।
बोम्मई ने रविवार को कहा कि कर्नाटक भाजपा ने पार्टी की चुनावी हार के कारणों का पता लगाने के लिए समग्र चुनाव परिणामों और निर्वाचन क्षेत्रवार आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण करने का फैसला किया है।
कांग्रेस के इस दावे को खारिज करते हुए कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हार है, उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदर्शन में कई कारकों का योगदान है और उन सभी का विश्लेषण किया जाएगा। इस संबंध में सभी नवनिर्वाचित विधायकों और उम्मीदवारों की एक बैठक जल्द ही आयोजित की जाएगी।
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