देश की खबरें | हमारा प्रयास राजस्थान बने सुशासन का मॉडल: गहलोत
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जयपुर, 15 अक्ट्रबर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी की विषम परिस्थितियों में भी राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को बनाए रखना चुनौती है।

उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि विशेषज्ञों की राय के आधार पर आर्थिक सुधार और संसाधनों का समुचित उपयोग कर राजस्थान को सुशासन के एक मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए।

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वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद की पहली बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि सरकार के उक्त लक्ष्य के लिहाज से आर्थिक सुधार सलाहकार परिषद का गठन अहम कदम है।

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उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय में आर्थिक मंदी, नोटबंदी, जीएसटी संग्रहण में कमी तथा कोरोना वायरस की महामारी से उपजे आर्थिक संकट ने हमें अवसर दिया है कि सतत विकास के लिए हम आर्थिक सुधार करने के साथ ही शासन के मॉडल में भी बदलाव लाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते कुछ समय में राजस्थान पहले जैसा बीमारू राज्य नहीं रहा है। राज्य में लगातार आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ऊर्जा, उद्योग आदि क्षेत्रों में राजस्थान तेजी से आगे बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि विकास की इस गति को आगे भी बरकरार रखने के लिए जरूरी है कि इच्छाशक्ति के साथ मजबूत फैसले लिए जाएं, जिनसे राजस्थान की तस्वीर बदल सके।

परिषद के सदस्य व जाने-माने उद्योगपति एलएन मित्तल ने राजस्थान के विकास के लिए इस नवाचार का स्वागत करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी जैसे मुश्किल दौर में भी राजस्थान का प्रबंधन शानदार रहा है।

एयरटेल के पूर्व सीईओ नवैद खान ने कहा कि सूक्ष्म, छोटे और लघु उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र व हस्तशिल्प उद्योग राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं। सरकार इन्हें प्रोत्साहन दे।

चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार सरीन ने निरोगी राजस्थान को जन-जन तक पहुंचाने, प्रदेश में फार्मा उद्योग को बढ़ाने तथा जयपुर साहित्य उत्सव (जेएलएफ) की तर्ज पर चिकित्सा महोत्सव आयोजित किए जाने का सुझाव दिया।

जाने-माने कृषि अर्थशास्त्री डॉ. अशोक गुलाटी ने कृषि के क्षेत्र में राजस्थान में व्यापक संभावनाओं के दृष्टिगत पानी, पशुधन और किसान केंद्रीत कार्यक्रमों को प्रमुखता देने की बात कही।

इस सम्मेलन में कई अन्य क्षेत्रों के जाने माने विशेषज्ञ शामिल हुए और अपनी बात रखी।

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