जरुरी जानकारी | संगठित खुदरा कारोबार 2030 तक 230 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचेगा: रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 27 फरवरी भारत में संगठित खुदरा क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और बढ़ती खर्च योग्य आय तथा विकसित होती उपभोक्ता प्राथमिकताओं के कारण 2030 तक इसके 230 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

डेलॉयट-आरएआई की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में संगठित खुदरा कारोबार 10 प्रतिशत की सालाना दर से बढ़ रहा है।

इसमें कहा गया, ‘‘ इसके 2030 तक 230 अरब डॉलर तक पहुंचने के आसार हैं।’’

रिपोर्ट कहती है, भारत के उपभोग को बढ़ाने वाले प्रमुख रुझानों और ताकतों में बढ़ती आय का स्तर, ‘जेन जी’ (1997 से 2012 के बीच जन्मे लोग) उपभोक्ताओं का उभरता प्रभाव, ऋण तक आसान पहुंच और संगठित खुदरा व्यापार की ओर रुझान शामिल हैं।

इसमें कहा गया, ‘‘ वित्तीय समावेश देश में खुदरा परिदृश्य को बदल रहा है और संगठित खुदरा क्षेत्र की ओर एक उल्लेखनीय बदलाव हो रहा है।’’

रिपोर्ट के अनुसार, निजी खपत 2013 में 1,000 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2024 में 2,100 अरब डॉलर हो गई, जो अमेरिका, चीन और जर्मनी की निजी खपत से अधिक है।

डेलॉयट इंडिया के भागीदार आनंद रामनाथन ने कहा कि विवेकाधीन खर्च में वृद्धि, डिजिटल कॉमर्स का विस्तार और ऋण तक बढ़ती पहुंच ब्रांड से जुड़ाव के नियमों को पुन: परिभाषित कर रही है।

रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कुमार राजगोपालन ने कहा कि जैसे-जैसे संगठित खुदरा व नए वाणिज्य मॉडल का विस्तार होगा, इन रुझानों के साथ तालमेल बैठाने वाले व्यवसायों के लिए विकास व नवाचार के अपार अवसर खुलेंगे।

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