देश की खबरें | पंजाब से हरियाणा को पानी देने के विरोध में विपक्ष एकजुट

चंडीगढ़, एक मई पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के बंटवारे को लेकर बढ़ते तनाव के बीच, पंजाब में विपक्षी कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी कि राज्य के लोग किसी अन्य राज्य को एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं देने देंगे।

पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि हरियाणा को उसका वैध हिस्सा पहले ही दिया जा चुका है और पंजाब खुद जल संकट से जूझ रहा है, इसलिए अतिरिक्त पानी नहीं दिया जा सकता।

इस बीच, शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) से कहा कि वे "पंजाब के नदी जल के अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर नाटकबाजी न करें और इसके बजाय राज्य की जनता को बताएं कि आप सरकार ने एक महीने पहले हरियाणा को 4,000 क्यूसेक पानी जारी करके राज्य के हितों का हनन क्यों किया और अब 8,500 क्यूसेक पानी जारी करने से क्यों नहीं रोक पाई।"

उन्होंने आरोप लगाया कि यह आदेश पंजाब सरकार की मंजूरी के बिना भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने जारी किया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है और आप सरकार राज्य को अस्थिर कर रही है।

जाखड़ ने पंजाबी में लिखे एक पोस्ट में कहा, "हम हमेशा पंजाब के हितों के साथ मजबूती से खड़े हैं और हमारा रुख स्पष्ट है कि राज्य के पास किसी भी राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है।"

विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि राज्य के जलाशय खाली हो रहे हैं और 76.5 प्रतिशत भूजल क्षेत्र खत्म हो चुके हैं, ऐसे में हरियाणा की मांग पंजाब की रीढ़ ‘कृषि’ को नुकसान पहुंचाएगी।

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