नयी दिल्ली, चार अगस्त तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने शुक्रवार को कहा दिल्ली सेवा विधेयक जब भी उच्च सदन में चर्चा के लिए आएगा तो विपक्षी दल मणिपुर मुद्दे पर सरकार को ‘बेनकाब’ करने के तरीके ढूंढेगा।
सूत्रों ने संकेत दिया कि विपक्षी दल सरकार की इस बात से नाखुश हैं कि वह इस सत्र के अंतिम दिन 11 अगस्त को राज्यसभा में मणिपुर पर बहस करना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक विपक्षी दल सोमवार (7 अगस्त) या मंगलवार (8 अगस्त) को बहस चाहते हैं।
संसद में गतिरोध दूर करने के लिए इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस यानी ‘इंडिया’ के दो नेताओं ने राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से शुक्रवार को मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने दलील दी कि यह समझा जा सकता है कि राज्यसभा में इस सप्ताह मणिपुर पर चर्चा संभव नहीं है, लेकिन इसे अगले सप्ताह की शुरुआत में उठाया जा सकता है।
हालांकि, विपक्षी नेताओं ने अपनी बैठक के दौरान फैसला किया है कि मणिपुर मुद्दे को किसी तरह से चर्चा में लाया जाना आवश्यक है।
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता ओ ब्रायन ने संवाददाताओं के एक समूह से कहा, ‘‘इंडिया गठबंधन दिल्ली विधेयक पर बोलते हुए मणिपुर पर मोदी सरकार को बेनकाब करने के लिए संसद के नियमों के तहत तरीके ढूंढेगा।’’
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023 को विपक्षी दलों के बहिर्गमन के बीच लोकसभा ने बृहस्पतिवार को पारित कर दिया था।
बीजू जनता दल (बीजद) और वाईएसआर कांग्रेस के सरकार को समर्थन देने की घोषणा के साथ राज्यसभा में भी संख्या बल विपक्ष के खिलाफ है।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस सांसद रजनी पाटिल का पिछले सत्र का निलंबन वापस लिए जाने की संभावना है और वह विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन में आएंगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY