देश की खबरें | विपक्ष सीएए पर लोगों को गुमराह कर रहा है: त्रिपुरा भाजपा

अगरतला, 23 मई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की त्रिपुरा इकाई ने विपक्ष पर नागरिकता (संशोधन) अधिनियम पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यह कानून उन क्षेत्रों में लागू नहीं किया जाएगा जहां छठी अनुसूची और इनर लाइन परमिट (आईएलपी) लागू है।

कांग्रेस की आदिवासी इकाई ने विवादास्पद कानून के कार्यान्वयन पर चिंता व्यक्त करते हुए त्रिपुरा के मुख्य सचिव जेके सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की।

प्रदेश भाजपा प्रमुख राजीब भट्टाचार्य ने संवाददाताओं से कहा, "विपक्षी दल सीएए को लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं... यह कानून पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के कारण भागकर आए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के बारे में बहुत स्पष्ट है।"

उन्होंने कहा, “ यह अधिनियम उन क्षेत्रों में लागू नहीं किया जाएगा जहां छठी अनुसूची और इनर लाइन परमिट (आईएलपी) लागू है।”

भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि अगर राज्य में यह कानून लागू किया जाता है तो इससे पूर्वोत्तरी राज्य के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा, “हम सीएए का विरोध करने के विपक्षी दलों के कदम की कड़ी निंदा करते हैं... हम लोगों से अपील करते हैं कि वे उनके नकारात्मक प्रचार से गुमराह न हों।”

भाजपा नीत गठबंधन सरकार में घटक टिपरा मोथा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह दूसरे देशों के शरणार्थियों को नागरिकता देने और उन्हें त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला (टीटीएएडीसी) के इलाके में बसाने के किसी भी कदम का कड़ा विरोध करेगी।

त्रिपुरा बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है और तीन तरफ से पड़ोसी देश से घिरा हुआ है।

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