श्रीनगर, 29 जनवरी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि विपक्ष में मतभेद हैं, लेकिन वह भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ एक साथ खड़ा होगा और लड़ेगा।
उन्होंने "भारत जोड़ो यात्रा " के तहत पदयात्रा की समाप्ति के बाद संवादादाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि एक तरफ कांग्रेस का नजरिया है और दूसरी तरफ भाजपा और आरएसएस का अहंकार एवं नफरत का नजरिया है।
राहुल गांधी ने विपक्षी एकजुटता से जुड़े सवाल पर कहा, "आप किस आधार पर कह रहे हैं कि विपक्ष बिखर चुका है। विपक्षी एकता बातचीत और एक दृष्टिकोण के बाद आती है। यह कहना सही नहीं है कि विपक्ष बिखरा हुआ है। मतभेद हैं... लेकिन विपक्ष साथ खड़ा होगा, लड़ेगा। "
उनका कहना था, "यह विचारधारा की लड़ाई है।एक तरह भाजपा और आरएसएस की विचारधारा है, दूसरी तरफ गैर भाजपा और गैर आरएसएस ताकतें हैं।"
उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब सोमवार को यात्रा के समापन समारोह के लिए कांग्रेस ने 20 से अधिक विपक्षी दलों को निमंत्रण दिया है । हालांकि कई दलों ने इसमें शामिल होने में अपनी ओर से असमर्थता जताई है।
यात्रा के संदर्भ में राहुल गांधी ने कहा, "मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। लाखों लोगों से मिला। यात्रा का लक्ष्य भारत को जोड़ने का था , नफरत और हिंसा के खिलाफ यह यात्रा थी। जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली है।"
उन्होंने यह भी कहा, "किसान, मजदूर, बेरोजगार युवाओं की आवाज सुनने को मिली। मेरे लिए यह शायद यह जिंदगी का सबसे सुंदर अनुभव रहा।"
राहुल ने कहा, "इस यात्रा ने एक वैकल्पिक नजरिया दिया है। भाजपा आरएसएस ने नफरत और अहंकार का नजरिया दिया है। अब हिंदुस्तान के सामने ये दो रास्ते ही नहीं, जीने के तरीके भी हैं।
उन्होंने साथ ही कहा कि जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा और लोकतान्त्रिक प्रक्रिया बहाल होनी चाहिए।
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का 4,080 किलोमीटर के सफर के बाद श्रीनगर में कल 30 जनवरी को संपन्न होगी । 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई ये यात्रा देश भर के विभिन्न राज्यों के 75 जिलों से होकर गुजरी ।
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