नयी दिल्ली, 29 जून केंद्र ने सोमवार को घोषणा की कि किसानों और प्रसंस्करणकर्ताओं को मौजूदा 'ऑपरेशन ग्रीन्स' के तहत अधिशेष उत्पादन वाले क्षेत्रों से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक परिवहन और भंडरण पर 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ अब और 18 तरह के फल-सब्जियों के भंडारण और परिवहन पर मिल सकता है।
सरकार का कहना है कि इस हस्तक्षेप का उद्देश्य फल और सब्जियों के उत्पादकों को लॉकडाउन के कारण घबराहटपूर्ण बिकवाली से बचाना और फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करना है।
सरकार ने कहा कि कृषि मंत्रालय या राज्य सरकार की सिफारिश के आधार पर भविष्य में योजना का लाभ और अधिक फल-सब्जियां पर दिया जा सकता है।
मौजूदा समय में, कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए केवल तीन उत्पादों - टमाटर, प्याज और आलू - को इस योजना के दायरे में रखा गया है, जिसे केंद्र ने हाल ही में कहा था कि यह आर्थिक मंदी से निपटने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर पैकेज के हिस्से के रूप में सभी बागवानी फसलों तक विस्तारित किया जायेगा।
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खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा, "जब हम इसकी घोषणा कर रहे हैं, तो हमें इस योजना के तहत लाभ उठाने के लिए पहले ही 100 से अधिक आवेदन मिल चुके हैं।"
खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा ऑपरेशन ग्रीन्स के तहत खाद्य जिंसों की सूची को टमाटर, प्याज और आलू (टीओपी) फसलों से विस्तारित कर अन्य अधिसूचित बागवानी फसलों को इसमें शामिल किया जा रहा है ताकि अधिशेष उत्पादन क्षेत्रों से प्रमुख खपत केंद्रों तक पहुंचाने के लिए इन खाद्य उत्पादों के भंडारण और परिवहन के लिए सब्सिडी प्रदान की जा सके।
सरकार ने एक बयान में कहा कि योजना के तहत, इस लाभ को अतिरिक्त 10 फलों (आम, केले, अमरूद, कीवी, लीची, पपीता, खट्टे फल, अनानास, अनार, कटहल) और 8 सब्जियों (फ्रेंच बीन्स, लौकी, बैंगन, शिमला मिर्च, गाजर, फूलगोभी, मिर्च और ओकरा तक बढ़ाया गया है।
यह योजना 11 जून, 2020 को अधिसूचना की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए होगी।
प्रसंस्करण और विपणन के कार्य में लगे खाद्य प्रसंस्करणकर्ता, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियां, व्यक्तिगत किसान, लाइसेंस प्राप्त कमीशन एजेंट, निर्यातक, राज्य विपणन / सहकारी संघ, खुदरा विक्रेता आदि इस योजना के लिए पात्र हैं।
इसके अलावा, मंत्री ने घोषणा की कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के खाद्य प्रसंस्करणकर्ताओं के लिए अगले दो महीनों में एक मुफ्त कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। तीन महीने का सर्टिफिकेट कोर्स के तहत 41 चिन्हित खाद्य प्रसंस्करण विषयों में प्रशिक्षण दिया जायेगा।
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