अमरावती, 11 नवंबर कोविड-19 महामारी के मद्देनजर और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश का पालन करते हुए आंध्रप्रदेश की सरकार ने बुधवार को कहा कि केवल ‘हरित पटाखे’ बेचे जाएंगे और लोग 14 नवंबर को दीपावली पर शाम आठ बजे से केवल दो घंटे के लिए पटाखे जला सकते हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हुए लोगों और वर्तमान में इलाजरत मरीजों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दृष्टि से ये पाबंदियां लगाई गई हैं।
यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election Results 2020: दलाई लामा ने नीतीश कुमार को बिहार चुनाव में जीत की बधाई दी.
राज्य की मुख्य सचिव नीलम साहनी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के पांच नवंबर के आदेश के अनुपालन में बुधवार को आदेश जारी किया। एनजीटी ने ‘‘पटाखों के इस्तेमाल के कारण बढ़ते वायु प्रदूषण, कोविड-19 के बढ़ते खतरे और संवेदनशील समूहों के जीवन और स्वास्थ्य के खतरे के कारण पाबंदियों की घोषणा की थी।’’
साहनी ने कहा कि आंध्रप्रदेश वायु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राज्य के 20 शहरों में वायु गुणवत्ता की निगरानी कर रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुक्त के. भास्कर ने बताया कि राज्य में करीब 8.20 लाख लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से उबर चुके हैं जबकि करीब 20 हजार लोगों का इलाज चल रहा है।
आयुक्त ने सरकार से आग्रह किया कि ‘‘कोविड-19 रोगियों (ठीक हो चुके एवं जिनका इलाज चल रहा है) और जन सामान्य के स्वास्थ्य के हित में पटाखों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई जाए।’’
इसी मुताबिक मुख्य सचिव ने आदेश जारी किया जिसमें कहा गया है कि राज्य में केवल हरित पटाखे बेचे जाने चाहिए और दीपावली के दिन पटाखों को जलाने की अवधि शाम आठ बजे से दो घंटे के लिए होगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY