राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के जवाब में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैष्णव ने कहा, ‘‘आईटी मध्यस्थ नियमों में संशोधन पर उच्चतम न्यायालय ने रोक लगा दी है। लेकिन मूल सिद्धांत यह है कि भारत सरकार से संबंधित कोई भी तथ्य के बारे में केवल सरकार ही बता सकती है कि यह सही तथ्य है या गलत है। यही हमारा रुख है।’’
यह प्रश्न फैक्ट चेक इकाई स्थापित करने की केंद्र की अधिसूचना पर उच्चतम न्यायालय की रोक से संबंधित था।
इस साल मार्च में उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार के बारे में फर्जी खबरों की पहचान करने के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के तहत एक फैक्ट चेक इकाई स्थापित करने की केंद्र की अधिसूचना पर रोक लगा दी थी। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी नियमावली, 2021 के तहत 20 मार्च को फैक्ट चेक इकाई को अधिसूचित किया गया था।
भारत के प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने बंबई उच्च न्यायालय के 11 मार्च के आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें केंद्र सरकार के बारे में सोशल मीडिया पर डाली गई फर्जी और झूठी सामग्री की पहचान करने के लिए संशोधित आईटी नियमों के तहत फैक्ट चेक इकाई की स्थापना पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था।
एक अन्य पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने कहा कि केंद्र की पीआईबी के तहत क्षेत्रीय फैक्ट चेक इकाइयाँ स्थापित करने की कोई योजना नहीं है।
तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी प्रसारित किए जाने की घटनाओं पर बोलते हुए, मुरुगन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिए बिना, एक मुख्यमंत्री का उदाहरण दिया, जो हाल ही में नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली आई थीं और उन्होंने दावा किया था कि बैठक के दौरान उनका माइक्रोफोन बंद था।
मुरुगन ने उनके बयान को ‘‘भ्रामक’’ करार दिया। उन्होंने कहा ‘‘पिछले सप्ताह भी एक मुख्यमंत्री नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली आई थीं। उस बैठक में उन्होंने उल्लेख किया कि उनका माइक बंद था। लेकिन हम कह सकते हैं कि यह बयान भ्रामक है।’’
उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि केंद्र की क्षेत्रीय फैक्ट चेक इकाइयाँ स्थापित करने की कोई योजना नहीं है।
मुरुगन ने कहा, ‘‘हमारे पास क्षेत्रीय स्तर पर फैक्ट चेक इकाई स्थापित करने की कोई योजना नहीं है। फैक्ट चेक इकाई दिल्ली में है। हमारे यहां बहुत अच्छी व्यवस्था है।’’
नवंबर, 2019 में केंद्र सरकार से संबंधित फर्जी खबरों की जांच करने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रेस सूचना ब्यूरो के तहत एक फैक्ट चेक इकाई की स्थापना की गई है। मंत्रालयों/विभागों में अधिकृत स्रोतों से समाचारों की प्रामाणिकता की पुष्टि करने के बाद, फैक्ट चेक इकाई अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सही जानकारी पोस्ट करती है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत पीआईबी का मुख्यालय नयी दिल्ली में है और इसके 5 जोन हैं जिनमें विभिन्न राज्यों में 19 क्षेत्रीय कार्यालय शामिल हैं।
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