विदेश की खबरें | पाकिस्तान सरकार और टीटीपी के बीच एक महीने के लिए संघर्ष विराम समझौता

पेशावर, नौ नवंबर पाकिस्तान सरकार और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के बीच एक महीने के लिए संघर्ष विराम समझौता करने पर सहमति बन गई है, ताकि देश में दीर्घकालिक शांति के लिए वार्ता आगे बढ़ाई जा सके।

टीटीपी के प्रवक्ता मोहम्मद खुरसानी ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्ष इस संघर्ष विराम अवधि का सम्मान करेंगे, जो मंगलवार से शुरू हुई। इसे दोनों पक्षों की सहमति से और आगे बढ़ाया जा सकता है।

टीटीपी को पाकिस्तानी तालिबान भी कहा जाता है, जो अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर सक्रिय एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है। यह एक दशक से अधिक समय में पाकिस्तान में कई हमलों को अंजाम दे चुका है, जिनमें हजारों लोगों की मौत हुई है। यह कथित तौर पर अफगानिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी हमलों की साजिश रचने के लिए करता है।

पाकिस्तान सरकार अब अफगानिस्तान के तालिबान के प्रभाव का इस्तेमाल टीटीपी के साथ शांति समझौता करने और हिंसा को रोकने की कोशिश करने के लिए कर रही है।

बयान में कहा गया कि टीटीपी एक इस्लामिक जिहादी अभियान है, जिसमें पाकिस्तान के लोग भी शामिल हैं और उसने देश के हित को हमेशा प्राथमिकता दी है। इसमें कहा गया है कि इस तथ्य को कोई खारिज नहीं कर सकता कि वार्ताएं, युद्ध का हिस्सा हैं।

टीटीपी ने वार्ता दलों के गठन पर भी सहमति व्यक्त की, जो दोनों पक्षों की मांगों के आलोक में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले महीने एक साक्षात्कार में खुलासा किया था कि उनकी सरकार, अफगानिस्तान में तालिबान की मदद से ‘‘सुलह’’ के लिए टीटीपी के साथ बातचीत कर रही है। इस बात को लेकर कई नेताओं और आतंकवाद का शिकार बने कई लोगों ने उनकी काफी आलोचना की थी।

गृह मंत्री शेख रशीद ने सरकार के इस कदम का बचाव करते हुए कहा था कि वार्ता ‘‘अच्छे तालिबान’’ के लिए है।

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