अमृतसर, 28 जुलाई शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की कार्यकारी समिति ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से नौवें सिख गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत दिवस पर ‘बंदी सिंहों’ को रिहा करने की मांग की।
बंदी सिंह वे सिख कैदी हैं, जिनके बारे में शिरोमणि अकाली दल और अन्य सिख संगठनों का दावा है कि वे अपनी सजा पूरी होने के बाद अब भी जेल में हैं।
एसजीपीसी ने फतेहगढ़ साहिब स्थित श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्व विश्वविद्यालय में ‘श्री गुरु तेग बहादुर चेयर‘ की स्थापना को भी मंजूरी दी।
एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने एक बयान में कहा कि 2019 में गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व (जन्मोत्सव) के दौरान, ‘‘भारत सरकार ने कुछ सिख कैदियों की रिहाई और भाई बलवंत सिंह राजोआणा की मौत की सजा को कम करने के संबंध में एक अधिसूचना जारी की थी।’’
राजोआणा 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में मौत की सज़ा का दोषी है। एसजीपीसी प्रमुख ने कहा, ‘‘हालांकि, उस अधिसूचना को अभी तक पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है।’’
धामी ने इस बात पर जोर दिया कि नवंबर में गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी दिवस केंद्र के लिए "उस निर्णय को तुरंत लागू करने का एक ऐतिहासिक अवसर है।"
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