भुवनेश्वर, 18 फरवरी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विष्णुपद सेठी की दस लाख रुपये की रिश्वत के मामले में उनके आधिकारिक आवास की तलाशी के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम के साथ तीखी नोकझोंक हुई।
सीबीआई के अधिकारियों की मौजूदगी में सेठी ने पत्रकारों से कहा, "सीबीआई अधिकारियों ने मेरे आवास की तलाशी ली, जबकि मेरे खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है। वे बिना वजह मुझे परेशान कर रहे हैं।"
आईएएस अधिकारी ने कहा, "वे (सीबीआई) बिना पूर्व सूचना के मेरे घर तलाशी लेने पहुंचे और उनकी आठ सदस्यीय टीम में कोई महिला अधिकारी नहीं थी। पुरुष अधिकारियों ने मेरे घर की तलाशी ली जबकि घर पर मेरी पत्नी एकमात्र महिला थीं।"
सेठी की पत्नी ने संवाददाताओं से कहा, "हमें झूठा फंसाया जा रहा है और परेशान किया जा रहा है।"
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने इससे पहले सेठी को रिश्वत मामले में तलब किया था लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए थे।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1995 बैच के अधिकारी सेठी ने दावा किया कि उनका सार्वजनिक उपक्रम ब्रिज एंड रूफ कंपनी (इंडिया) लिमिटेड या उसके समूह महाप्रबंधक चंचल मुखर्जी से कोई संबंध नहीं है। मुखर्जी को रिश्वत मामले में पिछले साल गिरफ्तार किया गया था।
सीबीआई ने सात दिसंबर को मुखर्जी को कथित रूप से भुवनेश्वर स्थित पेंटा ए स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संतोष मोहरणा और बिचौलिया देबदत्ता मोहापात्रा से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस मामले में एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया था।
तीनों की गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई ने 10 दिसंबर को सेठी को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया था।
सेठी को भेजे नोटिस में कहा गया था, "ऐसा ज्ञात हुआ है कि आप इस मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित हैं जिन्हें आपसे समझना आवश्यक है।"
सीबीआई ने पिछले साल सेठी के वाहन चालकों से भी पूछताछ की थी।
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