भुवनेश्वर, 23 जनवरी ओडिशा में सोमवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सुरेंद्र साई की जयंती पर विभिन्न श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
बोस का जन्म कटक में 23 जनवरी 1897 को हुआ था, वहीं साई का जन्म संबलपुर जिले के खिंडा में आज के ही दिन 1809 में हुआ था। दोनों स्वतंत्रता सेनानियों का स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान था।
ओडिशा के राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने कटक में नेताजी स्मारक संग्रहालय का दौरा किया और राज्य एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की।
राज्यपाल ने कहा कि आजादी की लड़ाई में आधे से अधिक जीवन जेल में बिताने वाले साई की जन्मस्थली का उन्नयन करने की जरूरत है।
पटनायक ने ओडिशा विधानसभा परिसर का भी दौरा किया और मंत्रियों एवं अन्य लोगों के साथ वीर सुरेंद्र साई को पुष्पांजलि अर्पित की। विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी राज्य भर में विभिन्न स्थानों पर नेताजी और साई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दिन सरकारी अवकाश घोषित किया गया था।
ट्विटर पर राज्यपाल ने नेताजी को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महानतम सेनानी के रूप में याद किया। पटनायक ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘‘महान स्वतंत्रता सेनानी, भारत माता के महान पुत्र नेताजी सुभाष चंद्र बोस को मेरी श्रद्धांजलि। राष्ट्र के प्रति उनका असीम समर्पण, उनकी अनूठी विचारधारा और दृढ़ आत्मविश्वास पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।’’
प्रख्यात रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने पुरी समुद्र तट पर नेताजी की कलाकृति बनाई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस अवसर पर वीर सुरेंद्र साई की जन्मस्थली किंडा में रैली की।
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