नयी दिल्ली, 26 जुलाई केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, ओडिशा में माध्यमिक विद्यालय स्तर पर पढ़ाई बीच में छोड़ने (ड्रॉपआउट) वाले छात्रों की दर सबसे अधिक है, इसके बाद मेघालय और बिहार का स्थान है।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
उनके मुताबिक माध्यमिक विद्यालय के लिए राष्ट्रीय ड्रॉपआउट दर 12.6 प्रतिशत है, जबकि ओडिशा में स्कूल छोड़ने की दर 27.3 प्रतिशत है। इसके बाद मेघालय में यह दर 21.7 प्रतिशत, बिहार में 20.5 प्रतिशत और असम में 20.3 प्रतिशत है।
पंद्रह प्रतिशत से अधिक ड्रॉपआउट दर वाले राज्यों में आंध्र प्रदेश (16.3 प्रतिशत), गुजरात (17.9 प्रतिशत), पंजाब (17.2 प्रतिशत) और पश्चिम बंगाल (18 प्रतिशत) हैं।
प्राथमिक स्कूल स्तर पर, स्कूल छोड़ने की दर सबसे अधिक मणिपुर (13.3 प्रतिशत) में है, इसके बाद मेघालय (9.8 प्रतिशत) और अरुणाचल प्रदेश (9.3 प्रतिशत) है।
उच्च-प्राथमिक स्तर पर, स्कूल छोड़ने की दर सबसे अधिक मेघालय (10.6 प्रतिशत) में है, इसके बाद असम (8.8 प्रतिशत) और पंजाब (8 प्रतिशत) का स्थान है।
संसद में साझा किए गए आंकड़े स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) के यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस के हैं।
देवी ने कहा, ‘‘भारत सरकार ने 2018-19 से स्कूली शिक्षा के लिए एक एकीकृत योजना समग्र शिक्षा शुरू की है, जो स्कूल शिक्षा क्षेत्र के लिए एक व्यापक कार्यक्रम है। यह प्री-स्कूल से 12वीं कक्षा तक के लिए है और इसका उद्देश्य 100 प्रतिशत सकल नामांकन और स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर समावेशी और न्यायसंगत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।’’
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