भुवनेश्वर, चार फरवरी ओडिशा सरकार ने राज्य के छात्रों, शिक्षकों और स्कूलों को विश्वस्तरीय शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए एक गैर-लाभकारी शैक्षिक प्रौद्योगिकी संगठन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मुख्य सचिव मनोज आहूजा की उपस्थिति में ओडिशा के स्कूल और जन शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार को यह समझौता किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल के तहत सीके-12 फाउंडेशन राज्य के छात्रों और शिक्षकों को मुफ्त में कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे आधुनिक तकनीकी संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराएगा। इससे वे विभिन्न शिक्षण शैलियों, संसाधनों और क्षमता स्तरों के साथ प्रयोग कर सकेंगे।
मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने कहा कि "कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासन को अधिक कुशल, निर्णय-केंद्रित और सेवा-उन्मुख बना रही है। यह प्रशासनिक प्रक्रियाओं को स्वचालित करने, बड़े डेटा सेट का विश्लेषण करने और नीतिगत निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करने में सहायक है।"
उन्होंने कहा "शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण से छात्र-केंद्रित और डेटा-आधारित शिक्षण वातावरण विकसित होगा जिससे समग्र शिक्षण परिणामों में सुधार होगा और छात्रों को भविष्य की तकनीकी प्रगति के लिए तैयार किया जा सकेगा।"
मुख्य सचिव ने कहा कि यह पहल शिक्षा में समानता को बढ़ावा देगी, शिक्षकों को उनके शिक्षण को बेहतर बनाने के लिए संसाधन प्रदान करेगी और पूरे राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
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