भुवनेश्वर, दो अक्टूबर ओडिशा के एक सरकारी अस्पताल में हाल में नवजात शिशु को बदले जाने के आरोप के बीच डीएनए परीक्षण के लिए सोमवार को एक महिला और एक सप्ताह की बच्ची के रक्त के नमूने एकत्र किए गए।
महिला के परिवार ने आरोप लगाया था कि उन्हें लड़का हुआ था, जिसे बदलकर लड़की दे दी गई।
कैपिटल अस्पताल के उपाधीक्षक धनंजय दास ने कहा कि डीएनए परीक्षण राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफसीएल) में किया जाएगा।
केंद्रपाड़ा जिले के प्राणकृष्ण बिस्वाल ने 26 सितंबर को अस्पताल अधिकारियों और पुलिस को शिकायत दी कि उनकी पत्नी ने पिछली रात एक लड़के को जन्म दिया था, लेकिन उसकी जगह लड़की दी गई।
बिस्वाल ने दावा किया था कि उन्हें एक अटेंडेंट ने लड़के के जन्म के बारे में बताया था।
शिकायत के बाद अस्पताल ने जांच की, जिसमें पाया गया कि संबंधित अटेंडेंट ने भूलवश परिवार को गलत जानकारी दी थी। अधिकारियों ने बिस्वाल के परिवार को लड़के के जन्म के बारे में गलत जानकारी देने के आरोप में महिला अटेंडेट को निलंबित कर दिया है।
दास ने कहा, ‘‘बिस्वाल जांच निष्कर्षों से सहमत नहीं थे। एक स्थानीय अदालत के आदेश के बाद, सच्चाई का पता लगाने के लिए डीएनए मिलान के लिए उनकी पत्नी और बच्ची के नमूने एकत्र किए गए हैं।’’
बिस्वाल ने कहा कि वह डीएनए परीक्षण के नतीजे को स्वीकार करेंगे।
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