विदेश की खबरें | चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद परिसीमन पर आपत्ति नहीं उठाई जा सकती: पाकिस्तानी अदालत
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लामाबाद, 18 दिसंबर पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को अपने फैसले में कहा कि चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन पर कोई आपत्ति नहीं उठाई जा सकती। इससे देश में आठ फरवरी को आम चुनाव कराए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी)ने शुक्रवार रात पाकिस्तान के आम चुनाव का कार्यक्रम जारी किया था।

अंतरिम प्रधान न्यायाधीश सरदार तारिक के नेतृत्व वाली शीर्ष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने चुनाव निकाय द्वारा किए गए परिसीमन को बदलने के बलूचिस्तान उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ निर्वाचन आयोग की अपील पर सुनवाई की।

बलूचिस्तान प्रांत में झोब और शिरानी में दो निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के खिलाफ निर्वाचन आयोग की अपील पर निर्णय की घोषणा की गई।

पीठ ने दलीलें सुनने के बाद सोमवार को परिसीमन पर बलूचिस्तान उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया और निर्वाचन आयोग की अपील स्वीकार कर ली।

न्यायालय ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित सभी चुनौतियां निष्प्रभावी हो गई हैं।

यह उल्लेख करते हुए कि किसी व्यक्ति को राहत देने के लिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जा सकता, शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले को अमान्य घोषित कर दिया।

चुनाव अगले साल आठ फरवरी को होना है और निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को एक विस्तृत कार्यक्रम जारी किया था। इससे पहले परिसीमन की प्रक्रिया 30 नवंबर को पूरी हो गई थी।

नए परिसीमन के बाद, नेशनल असेंबली में 336 सीट होंगी, जिनमें 266 सामान्य सीट, 60 सीट महिलाओं के लिए और 10 सीट गैर-मुसलमानों के लिए आरक्षित होंगी।

नेशनल असेंबली में पहले 342 सीट होती थीं, लेकिन नए परिसीमन के बाद यह संख्या 336 रह गई है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)