देश की खबरें | एनआरडीसी ने एसएनबीबीएस में विकसित कोविड-19 प्रौद्योगिकियों के लिये समझौता किया

नयी दिल्ली, 17 जुलाई वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग के उद्यम नेशनल रिसर्च डिवेलपमेंट कारपोरेशन (एनआरडीसी) ने अनुसंधान संस्थान एस एन बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज (एसएनबीबीएस), कोलकाता द्वारा विकसित कोविड-19 पर नियंत्रण की दो प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण के लिये पॉलमेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक करार किया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी ।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बयान के अनुसार, इन दो प्रौद्योगिकियों में आरामदेह और स्वच्छ श्वासन संबंधी वाल्व और निलंबित पार्टिकुलेट मैटर फ़िल्टर के साथ एक सक्रिय श्वसन यंत्र तथा एंटीमाइक्रोबियल लेयर के साथ लंबे समय तक चलने वाले नैनो-सैनिटाइजर शामिल है।

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यह सक्रिय श्वसन मास्क या यंत्र श्वसन के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड फिर से लेने की समस्या, नमी को बाहर निकालने और मास्क के अंदर पसीने से तर और गर्म वातावरण की चिंताओं का समाधान प्रस्तुत करता है। इससे चेहरे पर मास्क लगे होने पर भी बोलने में स्पष्टता प्रतीत होती है और वायु प्रदूषकों के संपर्क से बचाव के साथ सांस लेने में आरामदेह हैं।

सामान्य सैनिटाइजर के उपयोग के कारण त्वचा का निर्जलीकरण और रोगाणुओं के प्रभाव की समस्या देखने को मिलती है जबकि लंबे समय तक चलने वाला यह नैनो-सैनिटाइजर आरामदेह और हाथों की स्वच्छता को सुनिश्चित करती है।

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इस अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो आशुतोष शर्मा ने इसे समाज को लाभ पहुंचाने वाला बताया और कहा कि इन नवाचारी उत्पादों के इस्तेमाल से उपयोगकर्ताओं को बाजार में उपलब्ध मास्क और सैनिटाइजर की तुलना में मौजूदा समस्याओं पर काबू पाने में मदद मिलेगी।

इस समझौता करार पर एनआरडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ एच पुरुषोत्तम और मेसर्स पॉलमेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शांति रंजन पॉल ने हस्ताक्षर किया ।

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