देश की खबरें | एनपीपी विधायकों ने मणिपुर में बिरेन सिंह सरकार के प्रति समर्थन जताया, राजनीतिक ड्रामे का पटाक्षेप

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मणिपुर में मंत्रिपद से इस्तीफा देकर विपक्षी कांग्रेस से हाथ मिलाने के कुछ ही दिनों बाद नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के चार विधायकों ने मुश्किल में फंसे मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला को एक पत्र सौंपा और इस तरह राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल का पटाक्षेप हो गया।

इंफाल, 25 जून मणिपुर में मंत्रिपद से इस्तीफा देकर विपक्षी कांग्रेस से हाथ मिलाने के कुछ ही दिनों बाद नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के चार विधायकों ने मुश्किल में फंसे मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला को एक पत्र सौंपा और इस तरह राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल का पटाक्षेप हो गया।

बृहस्पतिवार दोपहर इंफाल पहुंचे एनपीपी प्रमुख और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि उनकी पार्टी के विधायक मंत्रिपद से अपना इस्तीफा भी वापस ले लेंगे जो राज्यपाल द्वारा अब तक मंजूर नहीं किया गया है।

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मणिपुर की भाजपा सरकार को बचाने की कोशिश तब सफल हुई जब इन विधायकों को संगमा और पूर्वोत्तर में भाजपा के संकटमोचक समझे जाने वाले असम के मंत्री हिमंत विश्व सरमा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एंव भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मिलाने दिल्ली ले गये ।

चारों ने मुख्यमंत्री के बुरे बर्ताव की शिकायत की थी।

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पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) में उनकी वापसी के बाद अब बिरेन सिंह सरकार के पास विधानसभा में 27 विधायक हैं जिसमें फिलहाल आठ विधायकों के इस्तीफे और अयोग्य करार दिये जाने के बाद अब 52 सदस्य रह गये है।

संगमा और हेमंत विश्व सरमा के साथ ये चार विधायक राजभवन गये जहां से वे मुख्यमंत्री कार्यालय गये । सिंह ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया और सभी ने एक दूसरे से हाथ मिलाया।

चूंकि उनके इस्तीफे स्वीकार किये जाने बाकी हैं, इसलिए वे तकनीकी तौर पर मंत्री बने हुए हैं तथा दोबारा शपथ ग्रहण की जरूरत नहीं है।

संगमा ने कहा, ‘‘ नड्डा और शाह के साथ हमारी बैठक हुई और इस गठबंधन के अंग के रूप में हमने अपनी शिकायतें एवं चिंताएं सामने रखीं । दोनों नेताओं ने हमारी बाते सुनीं और आश्वासन दिया कि सभी मुद्दे निपटाये जायेंगे।’’

जब बिरेन सिंह सरकार का गिरना लगभग तय लग रहा था तब राजनीतिक संकट चरम पर था क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष ने पार्टी और सदन से इस्तीफा देने वाले तीन भाजपा विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिये थे । उन्होंने एकमात्र तृणमूल कांग्रेस सदस्य को सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य करार दिया था।

हेपतुल्ला ने ट्वीट किया, ‘‘ श्री कोनराड संगमा और श्री हेमंत विश्व सरमा के नेतृत्व में नेशनल पीपुल्स पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिला और सभी चार विधायकों ने मणिपुर में भाजपा नीत सरकार के प्रति अपना समर्थन पत्र दिया।’’

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