नयी दिल्ली, छह अक्टूबर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के प्रबंध निदेशक और सीईओ दिलीप अस्बे ने मंगलवार को कहा कि कंपनी कृत्रिम मेधा (एआई) पर आधारित धोखाधड़ी की पहचान करने वाले एक मॉडल पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय क्षेत्र में अब कारोबार बढ़ाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
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अस्बे ने ‘रेज 2020’ शिखर सम्मेलन में कहा कि वित्तीय सेवाएं अब काफी हद तक नियम आधारित हैं और उद्योग ने अब एआई को सही तरह से देखना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि कई बैंकों ने चैटबॉट की शुरुआत की है, कई ने धोखाधड़ी का पता लगाने वाली रोबो सलाहकार सेवाओं की शुरुआत की है, इसके अलावा वीडियो केवाईसी का इस्तेमाल भी किया जा रहा है, जहां एआई का इस्तेमाल हो सकता है।
उन्होंने कहा कि ये ऐसे क्षेत्र हैं, जहां एआई का इस्तेमाल निर्णय लेने या निर्णय लेने की प्रक्रिया में मदद के लिए किया जा सकता है।
अस्बे ने कहा, ‘‘हम एआई पर आधारित धोखाधड़ी का पता लगाने वाले मॉडल पर भी काम कर रहे हैं।’’
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