देश की खबरें | अभियोजन निदेशक गोयल की नियुक्ति के खिलाफ जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार, यूपीएससी को नोटिस

नयी दिल्ली, 25 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अभियोजन निदेशक अलका गोयल की नियुक्ति को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार और संघ लोक सेवा आयोग से उनका रुख जानना चाहा।

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने सहायक लोक अभियोजक चिरंजीत सिंह बिष्ट द्वारा दाखिल याचिका पर गोयल को नोटिस भी जारी किया।

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि दिल्ली सरकार में अभियोजन निदेशक के रूप में गोयल की नियुक्ति को अमान्य घोषित किया जाना चाहिए क्योंकि यह मनमाने ढंग से और कानूनी प्रावधानों के खिलाफ की गई थी।

याचिका में कहा गया, “ आक्षेपित आदेश के माध्यम से तीन अक्टूबर 2023 को अलका गोयल को माननीय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति के बिना निदेशक (अभियोजन), दिल्ली सरकार के तौर पर नियुक्त/पदोन्नत किया गया।”

इसमें कहा गया, “ अलका गोयल की दिल्ली सरकार के निदेशक (अभियोजन) के तौर पर नियुक्ति/पदोन्नति उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति के बिना अवैध है, इसलिए शुरुआती तौर से ही यह अमान्य है।''

वकील सर्वेश सिंह और राजेश्वरी मित्रा के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि आपराधिक मामलों में न्याय प्रशासन में अभियोजन निदेशक का पद बहुत महत्वपूर्ण है और इस पद को भरने में मुख्य न्यायाधीश की सहमति अभियोजन को स्वतंत्र बनाने का एक प्रयास है।

इस मामले में अगली सुनवाई अक्टूबर में होगी।

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