विदेश की खबरें | नार्वे के व्यक्ति को सौतेली बहन की हत्या, मस्जिद पर हमले के लिए 21 वर्ष की सजा

अभियोजक जोहान ओवरबर्ग ने फिलिप मंसहॉस के लिए अधिकतम सजा की मांग की और कहा कि वह ‘‘अत्यंत खतरनाक व्यक्ति साबित हुआ है’’ जिसने अदालत में कहा था कि उसे इसका अफसोस है कि वह अधिक क्षति नहीं पहुंचा सका।

10 अगस्त 2019 को 22 साल के मंसहॉस ने ओस्लो के उपनगरीय क्षेत्र बेइरम स्थित अपने घर पर अपनी 17 वर्षीय सौतेली बहन जोहान झांगजिया इहले-हैनसेन की शिकार करने वाली राइफल से चार गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इहले-हैनसेन को दो साल की उम्र में चीन से गोद लिया गया था और उसकी माँ ने बाद में मंसहॉस के पिता से शादी कर ली थी।

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मंसहॉस फिर पास की एक मस्जिद में पहुंचा जहां तीन लोग ईद-अल-अजहा की तैयारी कर रहे थे। मंसहॉस ने मस्जिद के शीशे के दरवाजे पर राइफल से चार गोलियां चलाईं। हालांकि उसे बाद में मोहम्मद रफीक नाम एक व्यक्ति ने पकड़ लिया।

मंसहॉस ने हमले के समय बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी और हेलमेट लगाया हुआ था जिसमें एक वीडियो कैमरा लगा हुआ था। उसने शिकार करने वाली एक राइफल और एक शॉटगन ले रखी थी।

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ओस्लो जिला अदालत न्यायाधीश अन्निका लिंडस्ट्रोम ने कहा कि मंसहॉस की अधिक से अधिक लोगों की हत्या करने और मस्जिद को आग लगाने की योजना थी।

उन्होंने कहा कि मंसहॉस का मानना था कि ‘‘यूरोप अन्य मूल के लोगों से खतरे का सामना कर रहा है।’’ उन्होंने कहा कि मंसहॉस का दावा है कि वह ‘‘दुश्मन के खिलाफ आत्मरक्षा में कार्य कर रहा था।’’

मंसहॉस ने अदालत में अपने कृत्यों को स्वीकार किया लेकिन उन्हें ‘‘आपात न्याय’’ करार दिया। जांचकर्ताओं को उसके मोबाइल फोन में एडोल्फ हिटलर की फोटो मिली।

न्यायाधीश ने कहा कि सजा एक "एहतियाती हिरासत" है, जो नॉर्वे में ऐसे अपराधियों के लिए विशेष सजा है जिन्हें समाज के लिए खतरनाक माना जाता है।

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