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देश की खबरें | नार्थ, साउथ ब्लॉक को राष्ट्रीय संग्रहालयों में बदला जाएगा: केन्द्र

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को बताया है कि राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 27 एकड़ में सरकारी कार्यालयों को कवर करने वाले नार्थ और साउथ ब्लॉक को राष्ट्रीय संग्रहालयों में परिवर्तित करने का प्रस्ताव है।

देश की खबरें | नार्थ, साउथ ब्लॉक को राष्ट्रीय संग्रहालयों में बदला जाएगा: केन्द्र

नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को बताया है कि राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 27 एकड़ में सरकारी कार्यालयों को कवर करने वाले नार्थ और साउथ ब्लॉक को राष्ट्रीय संग्रहालयों में परिवर्तित करने का प्रस्ताव है।

केन्द्र ने एक भूखंड के भूमि उपयोग में परिवर्तन को चुनौती देने वाली एक याचिका के जवाब में उच्चतम न्यायालय को बताया कि सभी मंत्रालयों को राजपथ पर विकसित किए जा रहे साझा केंद्रीय सचिवालय भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा।

लुटियंस दिल्ली में महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना के हिस्से के रूप में उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नए आधिकारिक आवास निर्धारित हैं।

हलफनामे में कहा गया है, ‘‘उदाहरण के लिए नार्थ और साउथ ब्लॉक जो लगभग 27 एकड़ क्षेत्र में हैं और इसे राष्ट्रीय संग्रहालयों में परिवर्तित करने का प्रस्ताव है। संग्रहालय बड़े पैमाने पर जनता के लिए खुले रहेंगे और महत्वपूर्ण सार्वजनिक उद्देश्यों की पूर्ति करेंगे।’’

हलफनामे में कहा गया है कि भूखंड संख्या एक का क्षेत्र वर्तमान में लगभग 90 वर्षों से सरकारी कार्यालयों के रूप में उपयोग किया जा रहा है और भूखंड संख्या एक पर वास्तविक जमीनी परिस्थितियों के अनुसार कोई मनोरंजक गतिविधि मौजूद नहीं है। इसमें कहा गया है, ‘‘यह भी कहा जाता है कि यह स्थान कभी भी आम जनता के लिए किसी भी सार्वजनिक मनोरंजन उद्देश्यों के लिए इसका उपयोग करने के लिए खुला नहीं रहा है। यह भी निवेदन किया जाता है कि उक्त क्षेत्र में कोई निवासी आबादी या आवासीय कॉलोनी नहीं है और उक्त क्षेत्र में केवल रक्षा मंत्रालय का कार्यालय परिसर है।’’

हलफनामे में कहा गया है कि विस्टा पर जमीन के कीमती टुकड़ों का अत्यधिक उपयोग किया जाता है और इन संरचनाओं में ज्यादातर रक्षा प्रतिष्ठान हैं, जिनमें अन्य मंत्रालयों के कुछ कार्यालय हैं।

केन्द्र ने कहा, ‘‘रक्षा कार्यालय परिसरों अर्थात रक्षा कार्यालयों के लिए भवन अफ्रीका एवेन्यू और केजी मार्ग पर बनाए गए हैं और उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। माननीय उपराष्ट्रपति के निवास को भूखंड संख्या एक पर बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।’’

हलफनामे में कहा गया है कि साइट का अधिसूचित भूमि उपयोग अब आवासीय है।

हलफनामे में कहा गया है कि भूखंड संख्या एक के भूमि उपयोग को मनोरंजन क्षेत्र से आवासीय में बदलने को चुनौती देने वाली याचिका गलत है और जुर्माने के साथ खारिज करने योग्य है।

सितंबर 2019 में घोषित सेंट्रल विस्टा परियोजना, 900 से 1,200 सांसदों के बैठने की क्षमता वाले एक नए त्रिकोणीय संसद भवन की परिकल्पना करता है, जिसका निर्माण अगस्त, 2022 तक किया जाना है जब देश अपना 75 वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 29, 2021 07:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).