देश की खबरें | लॉकडाउन के बाद मानव तस्करी के मामलों में बढोत्तरी होने की गैर सरकारी संगठनों को आशंका : अध्ययन

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 29 जुलाई देश के 89 फीसदी गैर सरकारी संगठनों का मानना है कि लॉकडाउन की अवधि के बाद श्रम के लिये वयस्कों एवं बच्चों की तस्करी एक बड़ी चुनौती होगी ।

कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन की ओर से किये गये सर्वेक्षण के अनुसार गैर सरकारी संगठनों ने इस बात की चिंता जतायी है कि लॉकडाउन की अवधि के बाद श्रम के लिये मानव तस्करी के मामलों में वृद्धि हो सकती है ।

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इसने कहा है, 'यौन दुर्व्यवहार के उद्देश्य से मानव तस्करी एवं यौन शोषण के लिये बाल तस्करी की आशंका 76 फीसदी गैर सरकारी संगठनों ने जतायी है ।'

अध्ययन में यह अनुसंशा की गयी है कि इसके आलोक में गांव स्तर पर निगरानी एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सतर्क करने की आवश्यकता है ।

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इस अध्ययन का शीर्षक 'लॉकडाउन एंड इकोनॉमिक डिसरप्शन आन लो इनकम हाउसहोल्ड विद स्पेशल रेफरेंस टू चिल्ड्रेन' दिया गया है । यह अध्ययन प्रथम चरण में 53 गैर सरकारी संगठनों की प्रतिक्र्रिया जबकि दूसरे चरण में मानव तस्करी के लिहाज से संवेदनशील प्रदेशों के 245 घरों के सर्वेक्षण के आधार पर किया गया है।

पहला चरण 27 अप्रैल से पांच मई के बीच जबकि दूसरा चरण 17 से 24 मई के बीच किया गया है।

गैर-सरकारी संगठनों की प्रतिक्रियाएं जमीनी स्तर पर उनकी पहुंच के कारण मांगी गई थीं, जबकि सबसे कम आर्थिक तबके से घरों पर तालाबंदी के प्रभाव की गहन समझ विकसित करने के लिए घरेलू सर्वेक्षण किया गया था।

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