देश की खबरें | पाक से बातचीत नहीं, पारदर्शिता के साथ होगा जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव : कश्मीर रैली में बोले शाह

(शेख सुहैल)

बारामूला (जम्मू कश्मीर), पांच अक्टूबर कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ बातचीत से पूरी तरह इंकार करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार जम्मू-कश्मीर के लोगों से बातचीत करने में ज्यादा दिलचस्पी रखती है। साथ ही उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि विधानसभा चुनाव ‘पूर्ण पारदर्शिता’ के साथ कराए जाएंगे।

संसद द्वारा पांच अगस्त, 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद घाटी में अपनी पहली रैली में करीब आधे घंटे लंबे भाषण में शाह ने विपक्षी दलों नेकां (नेशनल कांफ्रेंस), पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) और कांग्रेस आदि पर जमकर निशाना साधा और ‘तीन परिवारों’, ‘मुफ्ती एंड कंपनी’ तथा ‘अब्दुल्ला एंड संस’ (अब्दुल्ला और उनके बेटे) लफ्जों का बार-बार इस्तेमाल किया।

रैली का आयोजन कश्मीर घाटी के बारामूला जिले में स्थित शौकत अली स्टेडियम में किया गया था।

शाह ने जम्मू-कश्मीर में ‘विकास की कमी’ के लिए अब्दुल्ला परिवार (नेकां), मुफ्ती परिवार (पीडीपी) और नेहरू-गांधी परिवार (कांग्रेस) को जिम्मेदार ठहराया क्योंकि आजादी के बाद ज्यादातर वक्त राज्य में इन्हीं दलों का शासन रहा है।

लोगों से खचाखच भरे स्टेडियम में शाह ने कहा, ‘‘70 साल तक शासन करने वाले लोग मुझे पाकिस्तान से बात करने की सलाह देते हैं। मेरी मंशा साफ है कि मैं पाकिस्तान से बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं बारामूला के गुज्जर, पहाड़ी और बकरवाल भाइयों से बात करना चाहता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कश्मीर के युवाओं से बात करूंगा। सोचिए कि आतंकवाद से कश्मीर को क्या मिला है? आज देश का हर राज्य आगे बढ़ रहा है और कश्मीर को भी उनके कदम से कदम मिलाना होगा। हमें आतंकवादियों के दिखाए रास्ते पर चलने की जरूरत नहीं है।’’

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘कश्मीर के युवा देश की तरक्की के रास्ते पर चलेंगे, शिक्षा और नौकरी पाकर कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ेंगे। (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी देश को आगे लेकर जा रहे हैं। मैं आपसे उनका साथ देने की अपील करता हूं।’’

रैली में संघ शासित प्रदेश में राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा करने के साथ ही शाह ने कहा, ‘‘मैं आपको आश्वासन देना चाहता हूं कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची प्रकाशित करने का काम पूरा हो जाने के बाद, पूरी पारदर्शिता के साथ चुनाव कराए जाएंगे और आपके चुने हुए अपने प्रतिनिधि यहां शासन करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि परिसीमन से पहले सिर्फ ‘तीन परिवार’ सत्ता में आते थे, ‘‘लेकिन निर्वाचन आयोग के परिसीमन के परिणामस्वरूप चुनाव में आपके अपने प्रतिनिधि जीतेंगे और शासन चलाएंगे।’’

शाह के बारामूला दौरे से पहले सुरक्षा बंदोबस्त कड़ा किया गया और किसी भी आतंकी खतरे से निपटने के लिए पुलिस तथा अर्धसैनिक बल पूरी तरह चौकस रहे।

वहीं, भाषण के दौरान ‘आजान’ की आवाज सुनकर जब शाह कुछ देर के लिए चुप हो गए तो भीड़ ने पूरे जोश से उनके पक्ष में नारे लगाए।

दरअसल, भाषण के पांच मिनट होने के बाद शाह अचानक चुप हो गए और मंच पर मौजूद लोगों से पूछा कि क्या ‘मस्जिद में कुछ चल रहा है।’’ मंच पर जब किसी ने उन्हें बताया कि ‘आजान’ हो रही है तो वह कुछ देर के लिए चुप हो गए।

शाह ने अपने भाषण में कहा कि सरकार का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर को देश की सबसे शांत जगह बनाना है।

शाह ने कहा, ‘‘क्या आतंकवाद ने दुनिया में कभी किसी को फायदा पहुंचाया है? जम्मू-कश्मीर में 1990 से अब तक आतंकवाद ने 42,000 लोगों की जान ली है। बताएं कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है? ये तीन परिवार जिन्होंने जम्मू-कश्मीर पर शासन किया, वे जिम्मेदार हैं।’’

गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आंतकवाद धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। साथ ही उन्होंने दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए विकास कार्यों का जिक्र किया।

शाह ने कहा, ‘‘भगवान ना करे, अगर आपके परिवार में कोई बीमार होता है तो मोदी जी पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज मुहैया कराएंगे। करीब 77 लाख लोगों को (आयुष्मान भारत गोल्ड) कार्ड दिया गया है और उन्हें अपने इलाज पर एक नया पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हाड़ कंपाने वाली ठंड में करीब एक लाख लोगों के पास आश्रय नहीं था। 70 साल तक ‘मुफ्ती एंड कंपनी’ और ‘अब्दुल्ला एंड संस’ ने जम्मू-कश्मीर पर शासन किया, लेकिन एक लाख लोगों को मकान नहीं मिला।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन 2014 से 2022 तक, मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर में एक लाख लोगों को मकान दिया है।’’ उन्होंने बताया कि 12 लाख परिवारों को गैस सिलेंडर देकर प्रधानमंत्री ने चूल्हे से उन्हें छुटकारा दिलाया है।

केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा कि लोगों के सामने दो मॉडल का विकल्प है... पहला प्रधानमंत्री मोदी का, जिसमें विकास, शांति और एकता, रोजगार बढ़ाने की बात होती है और दूसरा गुपकार मॉडल है जिसने पुलवामा हमला होने दिया।

उन्होंने कहा कि गुपकार मॉडल पाकिस्तानी आतंकवादियों को लेकर आता है, जबकि मोदी मॉडल 56,000 करोड़ रुपये का निवेश लेकर आता है जिससे पांच लाख रोजगार का सृजन होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘गुपकार मॉडल में युवाओं के हाथों में पत्थर और मशीनगन मिलती हैं जबकि मोदी मॉडल में युवाओं को आईआईटी, एम्स, एनआईएफटी और नीट मिलता है।’’

विपक्ष पर चुटकी लेते हुए शाह ने कहा, ‘‘युवाओं को शिक्षा की जरूरत है अब्दुल्ला साहब, उनके हाथों में पत्थर ना थमाएं। मोदीजी ने संभव किया है कि हर युवा पत्थर छोड़कर अब पढ़ाई कर रहा है।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद का तंत्र लगभग खत्म हो चुका है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपके इलाके में कोई आतंकवादियों का साथ देता है तो उसे समझाएं कि कश्मीर को आतंकवाद से कोई फायदा नहीं होगा। उन्हें मुख्यधारा में लेकर आएं। कश्मीर को लोकतंत्र, उद्योगों की स्थापना और अन्य विकास कार्यों से लाभ होगा।’’

शाह ने कहा कि सुरक्षा हालात सुधरने के कारण इस साल 22 लाख पर्यटक जम्मू-कश्मीर आए, जबकि पहले इनकी औसतन संख्या छह-सात लाख हुआ करती थी।

केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा, ‘‘पहले यह आतंकवादियों का गढ़ हुआ करता था, लेकिन अब यह पर्यटकों का स्वर्ग है। कल्पना करें कि कितने लोगों को इससे फायदा पहुंच रहा है।’’

अर्पणा मनीषा

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