देश की खबरें | सीवरेज की सफाई के लिए चैंबर में नहीं उतरना पड़े किसी सफाईकर्मी को : गहलोत का निर्देश

जयपुर, छह जुलाई राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सीवरेज की सफाई के लिए किसी सफाईकर्मी को चैंबर में नहीं उतरना पड़े।

गहलोत के अनुसार यह काम पूरी तरह से मशीनों से ही कराया जाए।

यह भी पढ़े | गुजरात: तेज बारिश के जूनागढ़ में ताश के पत्तों की तरह ढहा नया पुल.

गहलोत मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों व सफाईकर्मियों के साथ संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने यह निर्देश दिया।

गहलोत ने सभी जिलाधिकारियों व नगर निकाय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्वच्छताकर्मी को सीवरेज की सफाई के लिए चैम्बर में नहीं उतरना पड़े।

यह भी पढ़े | सोना 42 रुपये, चांदी 1,217 रुपये गिरी: एचडीएफसी सिक्योरिटीज.

मुख्यमंत्री ने कहा, ' यह काम पूरी तरह मशीनों से ही करवाया जाए।'

उन्होंने कहा कि सीवरेज की सफाई के लिए चैम्बर में उतरने से मौत की कोई घटना नहीं होनी चाहिए।

गहलोत ने कहा कि जिस समर्पण भाव के साथ स्वच्छताकर्मियों व नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों ने काम किया है, उससे कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने में हम कामयाब हो सके हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में शामिल डॉक्टरों, नर्सिंगकर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व पुलिस के साथ साथ स्वच्छताकर्मियों व नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों की मेहनत से देश में राजस्थान का मान और सम्मान बढ़ा है।

उन्होंने आह्वान किया कि आगे भी इसी मनोयोग से कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में टीम भावना के साथ जुटे रहें।

राज्य भर के 196 नगरीय निकायों के करीब 1600 प्रतिभागी इस कार्यक्रम से सीधे जुड़े।

गहलोत ने कहा कि पिछले करीब चार महीने से राजस्थान कोरोना वायरस को नियंत्रित करने में कामयाब रहा है। स्वच्छताकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर शहरों, गली-मोहल्लों व घरों को संक्रमणमुक्त रखने में बड़ी भूमिका अदा की है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान पहला राज्य है जिसने कोरोना वायरस की जंग में जुटे सरकारी और गैर-सरकारी कार्मिकों की चिंता करते हुए उन्हें 50 लाख रूपए के बीमा कवर की सुविधा प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सभी वर्गों व जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों का सहयोग लेकर उनके अनुभवों एवं नवाचारों का उपयोग करते हुए राजस्थान को इस लड़ाई में अग्रणी पायदान पर रखा।

गहलोत ने नगर निगमों के महापौर, सभापति, अध्यक्षों, पार्षदों आदि जनप्रतिनिधियों से इस दौरान संवाद किया और उनसे सुझाव लिए। मुख्यमंत्री ने सफाई निरीक्षकों सहित अन्य स्वच्छताकर्मियों से सीधा संवाद करते हुए उनके अनुभव जाने और उनसे उनकी समस्याएं पूछी। इस दौरान उन्होंने कोरोना के प्रति आमजन में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए दो पोस्टरों का विमोचन भी किया।

नगरीय विकास व स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि ‘कोई भूखा न सोए’ के मुख्यमंत्री के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में इंदिरा रसोई योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत बनाई जाने वाली स्थायी कैन्टीनों में गरीबों को दो वक्त का पौष्टिक भोजन आठ रूपए प्रति थाली की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।

चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा कि पहले राजस्थान में कोरोना वायरस की जांच सुविधा नहीं थी लेकिन अब राजस्थान ने 40 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने की क्षमता हासिल कर ली है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)