कन्नूर/कोच्चि, तीन मई केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य के. सुधाकरन ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने की अटकलों पर शनिवार को कहा कि उन्हें पार्टी आलाकमान के ऐसे किसी कदम की जानकारी नहीं है, लेकिन यदि ऐसा कोई निर्णय लिया जाता है तो वह उसे सहर्ष स्वीकार करेंगे।
सुधाकरन ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी तथा केरल की राजनीति के बारे में विस्तृत चर्चा की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हटाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। अगर ऐसा कोई निर्णय होता है, तो आप आलाकमान से पूछ सकते हैं। मैं उसके किसी भी निर्णय को तुरंत स्वीकार करूंगा। मैं केवल उसका पालन कर सकता हूं, उस पर सवाल नहीं उठा सकता।’’
सुधाकरन की यह टिप्पणी उन अटकलों के बीच आई है, जिनमें कहा जा रहा है कि उन्हें हटाकर कांग्रेस सांसद एंटो एंटनी को नया केपीसीसी प्रमुख बनाया जा सकता है।
कुछ महीने पहले भी सुधाकरन को अध्यक्ष पद से हटाने की अटकलें थीं।
बाद में, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कोच्चि में संवाददाताओं से कहा कि उनके विचार में सुधाकरन को पद से हटाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य थरूर ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी कदम की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने आधिकारिक सूत्रों से कुछ नहीं सुना है। मैंने केवल मीडिया में खबरें देखी हैं।’’
थरूर ने कहा कि उनकी राय में पार्टी को इस बात पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि वह लोगों के लिए क्या कर सकती है और केरल में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे विचार से हमें इस पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।’’
तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य ने कहा कि सुधाकरन के नेतृत्व में पार्टी ने कई उपचुनाव जीते हैं।
थरूर ने पहले भी ऐसा ही रुख अपनाया था, जब सुधाकरन को केपीसीसी अध्यक्ष पद से हटाने की खबरें आई थीं।
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