कोलंबो, 17 फरवरी श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार को अदाणी समूह के हरित ऊर्जा परियोजनाओं से अलग होने पर कोई अफसोस नहीं है।
वित्त मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे दिसानायके ने 2025 का बजट पेश करने के दौरान अदाणी ग्रीन एनर्जी का नाम लिये बिना कहा ‘‘हमें 4.65 अमेरिकी सेंट पर पवन ऊर्जा प्रदान करने का प्रस्ताव मिला है तो हम 8.26 सेंट पर प्रस्ताव खोने पर हो-हल्ला क्यों करेंगे।’’
अदाणी समूह ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वह श्रीलंका के उत्तरपूर्वी क्षेत्र में अपनी हरित ऊर्जा परियोजना के लिए 40 करोड़ डॉलर से अधिक के निवेश वाली परियोजना छोड़ रहा है।
दिसानायके ने विपक्ष का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘कुछ लोग हैं जो यह दावा करते हुए इस बात का रोना रो रहे हैं कि एक निवेशक ने देश छोड़ दिया है।’’
श्रीलंका सरकार ने दिसंबर के अंत में अदाणी पवन ऊर्जा परियोजना की समीक्षा करने और बिजली खरीद समझौते पर फिर से बातचीत करने का निर्णय किया था। उसके बाद अदाणी समूह ने परियोजना छोड़ने का निर्णय किया।
इस परियोजना को कानूनी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। पर्यावरणविदों ने शीर्ष अदालत का रुख किया और दावा किया कि इससे प्रवासी पक्षियों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
सितंबर के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने राष्ट्रपति अभियान में दिसानायके ने श्रीलंका में अदाणी परियोजनाओं को रद्द करने का संकल्प लिया था।
अदाणी मुख्य कोलंबो बंदरगाह के पश्चिमी कंटेनर टर्मिनल को विकसित करने की परियोजना में भी शामिल है। यह परियोजना पूरी होने वाली है।
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