बेंगलुरु, 21 फरवरी कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने शुक्रवार को कहा कि रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को सरकारी कार्यालयों से जल्दी जाने देने के संबंध में सरकार के समक्ष न तो कोई प्रस्ताव है और न ही इस पर कोई चर्चा हुई है।
वह प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष वाई सैयद अहमद और ए आर एम हुसैन द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को लिखे गए पत्र के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
अहमद और हुसैन ने मुख्यमंत्री से सभी मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को रमजान के दौरान काम से जल्दी छुट्टी देने का अनुरोध किया है।
परमेश्वर ने कहा, ‘‘उन्होंने पत्र लिखा होगा, लेकिन सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। कैबिनेट या अन्य किसी स्तर पर ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है।’’
तेलंगाना में इस तरह की अनुमति को भाजपा द्वारा तुष्टीकरण की राजनीति बताए जाने से संबंधित सवाल पर परमेश्वर ने कहा, ‘‘हमें तेलंगाना से मतलब नहीं है।’’
पत्र में मुख्यमंत्री से यह निर्णय लेने का आग्रह किया गया है कि मुस्लिम कर्मचारियों को रोजा तोड़ने के लिए शाम 4 बजे तक कार्यालय से जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसमें पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सरकारों का हवाला दिया गया है, जिन्होंने रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को ड्यूटी खत्म होने से एक घंटे पहले जाने की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
विधानसभा में नेता विपक्ष आर अशोक ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इसके नेताओं द्वारा सरकार को दिए गए प्रस्ताव को तुष्टीकरण की राजनीति बताया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY