तालिबान ने अफगानिस्तान में अफगान महिलाओं के वैश्विक संस्था के लिए काम करने पर पाबंदी लगाई है।
पिछले सप्ताह ही देश के तालिबानी शासकों ने महिलाओं पर पाबंदी की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र मिशन में कार्यरत अफगान महिला कर्मी अब वहां काम नहीं कर सकती हैं।
देश की खुफिया एजेंसी इस पाबंदी को लागू कर रही है जो कंधार में तालिबान नेतृत्व को रिपोर्ट करती है।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह फैसले को स्वीकार नहीं कर सकता। विश्व निकाय ने इसे गैरकानूनी तथा महिला अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
इसने कहा कि लाखों अफगान महिलाओं को जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराने में महिलाएं अहम होती हैं। इसने इस फैसले के विरोध में देश में अपने पुरुष एवं महिला कर्मियों को घर पर रहने का निर्देश दिया।
तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार के मुख्य प्रवक्ता और सर्वोच्च नेता के करीबी जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगान महिलाओं को संयुक्त राष्ट्र में काम करने से रोकने का फैसला आंतरिक मामला है और हर किसी को इसका पालन करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘इस फैसले का यह मतलब नहीं है कि यहां भेदभाव हो रहा है या संयुक्त राष्ट्र की गतिविधियों को रोका जा रहा है। इसके विपरीत हमलोग अपने देश के सभी नागरिकों के धार्मिक एवं सांस्कृतिक हितों को ध्यान में रखते हुए उनके अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY