नयी दिल्ली, 10 सितंबर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) लिमिटेड ने रविवार को कहा कि पिछले सप्ताह मुंबई में उरण के पास कुछ तेल फैलने से किसानों या मछुआरों को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
कंपनी ने बयान में कहा, “आठ सितंबर, 2023 की सुबह ओएनजीसी के उरण संयंत्र में कच्चे तेल के भंडारण टैंकों में से मामूली मात्रा में तेल रिस गया। लीक हुआ तेल भारी बारिश के कारण तूफानी जल निकासी माध्यम में पहुंच गया।”
बयान के अनुसार, “संयंत्र से रिसे तेल की मात्रा मामूली होने के कारण वह तेल तट पर चट्टानों के बीच रह गया और लहरों तक सिर्फ कुछ कतरे ही पहुंच पाए।”
ओएनजीसी के तेल रिसाव प्रतिक्रिया (ओएसआर) बल को तत्काल तेल को समुद्र में जाने से रोकने के काम में लगा दिया गया और तट की सफाई युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई।
बयान में कहा गया, “घटना वाले दिन भारी बारिश होने और समुद्र तट चट्टानी इलाका होने के कारण सफाई में काफी मेहनत करनी पड़ी। ओएनजीसी दल के समय पर और अथक प्रयासों के कारण, तेल समुद्र में नहीं गिरा और समुद्री जीवन को कोई नुकसान होने की आशंका नहीं है।”
ओएनजीसी ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों ने सिंचाई के लिए संयंत्र से तूफानी जल निकासी माध्यम की दीवार को तोड़कर अपने खेतों में अनधिकृत जल कनेक्शन ले लिया है।
ओएनजीसी ने बयान में कहा, “इस दरार के कारण धान के सिर्फ चार-पांच खेतों में ही थोड़ तेल जा सका। धान के खेतों को नुकसान भी बहुत सीमित है। तेल के हल्के रिसाव के कारण किसी भी मछुआरे को कोई नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि यह समुद्र तट के चट्टानी हिस्से पर है।”
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