लखनऊ, 15 सितंबर अनुभवी टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना देश के लिए खेलते समय दिग्गज लिएंडर पेस और महेश भूपति के साथ तालमेल बनाने के लिए अपनी शैली में बदलाव से पीछे नहीं हटे लेकिन उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि समय के साथ डेविस कप खेलने का उत्साह कम हो रहा है।
बोपन्ना को पिछली पीढ़ियों के खिलाड़ियों की तुलना में मौजूदा खिलाड़ी डेविस कप खेलने के प्रति उतने उत्साहित नहीं लगते।
रविवार को अपना आखिरी डेविस कप मुकाबला (मोरक्को के खिलाफ) खेलने की तैयारी कर रहे बोपन्ना ने कहा, ‘‘ यह मशीन की तरह हो गया है। आओ, खेलो और जाओ।’’
उन्होंने निराशा भरे लहजे में कहा कि मौजूदा दौर के खिलाड़ियों के लिए डेविस कप किसी अन्य टूर्नामेंट की तरह हो गया है’’
दूसरी तरफ, डेविस कप एक ऐसा टूर्नामेंट है जिसमें रैंकिंग मायने नहीं रखेगी। इसमें टेनिस में कमजोर माने जाने वाले देश भी कभी-कभी दिग्गजों को मात देने में सफल हो जाते हैं।
इस सफलता के लिए हालांकि टीम में एकता, योजना, वैकल्पिक खिलाड़ियों की मौजूदगी जरूरी है।
बोपन्ना ने ‘पीटीआई-’ को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘ पहले टीम में शानदार माहौल हुआ करता था, जो पिछले कुछ वर्षों से नहीं दिख रहा है। हमें इसे वापस लाने की जरूरत है।’’
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