देश की खबरें | मणिपुर के पांच जदयू विधायकों के जदयू में शामिल होने पर नीतीश ने पूछा ‘क्या यह संवैधानिक है’

पटना, तीन सितंबर मणिपुर में जनता दल युनाइटेड के पांच विधायकों के प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा, ‘‘आप सोच लीजिए क्या हो रहा है । अन्य पार्टियों के लोगों को अपनी तरफ लाना और खींचना क्या ये संवैधानिक है ।’’

दरअसल, बिहार की राजधानी पटना में राज्य में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की दो दिवसीय बैठक प्रदेश मुख्यालय में चल रही है ।

नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘मणिपुर में जितने हमारे विधायक हैं, सभी छह विधायक यहां आये। भाजपा से अलग होने के निर्णय पर उन्होंने खुशी जाहिर की थी, और कहा था कि हमलोग साथ हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप समझ लीजिए हो क्या रहा है। ये किस तरह से किसी पार्टी के निर्वाचित लोगों को अपनी तरफ ले रहे हैं । जब हमलोग गठबंधन (राजग) में साथ थे, किसी (भाजपा विधायक) को अपने दल में शामिल किया। यह कौन सा स्वभाव है। यह किस प्रकार का काम है । इस तरह का कोई चीज क्या पहले (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय) से चलता रहा है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘एक नए ढंग का... इस तरह का काम किया जा रहा है । उसमें क्या है । वे सभी (मणिपुर के जदयू के विधायक) कुछ ही दिन पहले यहां आए थे। परसों खबर किया था, आज के बारे में कि वे लोग यहां आ रहे हैं, और उनको पकड़कर अपने दल में शामिल करा लिया ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे क्या फर्क पड़ता है । एक बात तो साबित हो रही है कि ये किस तरह का काम कर रहे हैं । दूसरी पार्टी के लोगों को अपने दल में शामिल कराना क्या संवैधानिक है । क्या यह कोई सही काम है ।’’

यह पूछे जाने पर कि भाजपा का कहना है जिसको जहां मन होता है, जाता है, नीतीश ने कहा, ‘‘क्या अन्य पार्टियों पार्टी को खत्म कर देंगे । किसी दल के जो अन्य राज्यों में जीतते हैं, उनको अपनी तरफ कब्जा करना यही सोचते हैं, यही काम है ।’’

विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात के लिये पांच सितंबर को दिल्ली जाने की चर्चा के बारे में नीतीश ने कहा कि वह दिल्ली जाएंगे।

इससे पूर्व जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा, ‘‘मणिपुर में जो कुछ भी हुआ, उसके लिये वहां धन-बल का प्रयोग किया गया है ।’’

ललन ने कहा, ‘‘भाजपा ने मणिपुर में वही किया जो उसने पहले दिल्ली, झारखंड, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में किया था।’’

लगभग चार दशकों से नीतीश कुमार के साथ जुड़े ललन ने कहा, ‘‘भाजपा चाहे जो भी चाल चले, वह 2023 तक जदयू को राष्ट्रीय पार्टी बनने से नहीं रोक पाएगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को अपने बारे में चिंता करनी चाहिए । 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा और किसी ने 42 रैलियों को संबोधित नहीं किया लेकिन पार्टी 243 सदस्यीय विधानसभा में केवल 53 सीटें ही जीत सकी थी। उन्हें 2024 में अपने भाग्य के बारे में सोचना चाहिए। पूरा विपक्ष उनके खिलाफ एकजुट होगा।’’

उल्लेखनीय है कि मणिपुर के पांच विधायक जदयू छोड़ कर शुक्रवार को सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गये थे । प्रदेश में पार्टी की छह सीटें थी ।

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