रायपुर, 29 दिसंबर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में चलाए गए नशा मुक्ति अभियान 'निजात' को प्रतिष्ठित संस्था इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ चीफ्स ऑफ पुलिस (आईएसीपी) ने अवार्ड के लिए चुना है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘राजनांदगांव जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने जिले में नशा मुक्ति के लिए 'निजात' अभियान चलाया था। इस अभियान को आईएसीपी ने संस्थागत श्रेणी के 'लीडरशिप इन क्राइम प्रिवेंशन' कैटेगरी में अवार्ड के लिए चुना है।’’
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के तहत नशा तस्करों और शराब तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 'निजात' अभियान कार्यवाही और जागरुकता अभियान है, जिसमें अवैध नशे के सौदागरों पर सख्त कार्यवाही के साथ ही नशे के विरुद्ध जन जागरूकता और नशे के आदी लोगों का पुनर्वास शामिल है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने कोरिया जिले में किया था। उसके बाद राजनांदगांव और वर्तमान में कोरबा जिले समेत कई जिलों में यह अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसी वर्ष गृह मंत्रालय, भारत सरकार की संस्था पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) ने कोरिया पुलिस द्वारा शुरू किए गए निजात अभियान को देश के तीस सर्वोत्तम स्मार्ट-पुलिसिंग अभियानों में शामिल किया था।
कोरबा जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि पा चुके जीरो-टॉलरेंस कार्रवाई और व्यापक जन-जागरूकता वाले कार्यक्रम 'निजात' अभियान के अब कोरबा जिले में भी सार्थक परिणाम आने लगे हैं।
वर्तमान में कोरबा जिले में निजात अभियान के तहत पुलिस नशीले पदार्थों और अवैध शराब की तस्करी को प्रभावी ढंग से रोकने में सफल रही है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले के थानों में नशे के आदी लोगों की काउंसलिंग के साथ ही नशा-मुक्ति कक्ष भी निर्माणाधीन है। अभियान के तहत सैकड़ों की संख्या में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, लोग नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
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