नयी दिल्ली, 17 जून राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अमेरिका और कनाडा में मार्च में भारतीय मिशन पर खालिस्तान समर्थकों द्वारा किये गये हमलों की जांच अपने हाथों में ले ली है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
इससे पहले, इस साल मार्च में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर हुए हिंसक प्रदर्शनों और तोड़फोड़ के प्रयास किये जाने की घटनाओं की जांच भी एनआईए को सौंपी गई थी।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने मार्च में हुए हमलों के सिलसिले में गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्राथमिकियां दर्ज की थीं।
उन्होंने बताया कि अमेरिका और कनाडा में हुए हमलों की जांच अब एनआईए को हस्तांतरित कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। नारेबाजी करते हुए, प्रदर्शनकारियों ने अस्थायी सुरक्षा अवरोधकों को धक्का देकर खोल दिया और वाणिज्य दूतावास परिसर में दो तथाकथित खालिस्तानी झंडे लगा दिये। हालांकि, दूतावास कर्मियों ने इन झंडों को हटा दिया।
इस घटना के बाद, भारत ने नयी दिल्ली में अमेरिकी दूतावास प्रभारी के समक्ष सख्त विरोध दर्ज कराया था।
सरकार ने कनाडाई उच्चायुक्त को भी तलब किया और कनाडा में भारतीय राजनयिक मिशन को निशाना बनाये जाने को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया।
लंदन में, 19 मार्च को खालिस्तान समर्थकों ने भारतीय उच्चायोग में तोड़फोड़ करने की कोशिश की थी और उच्चायोग परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय ध्वज को नीचे उतार दिया था। इस घटना के बाद, भारत ने नयी दिल्ली में ब्रिटिश उप उच्चायुक्त को तलब किया और ''सुरक्षा के पूर्ण अभाव पर'' उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
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