देश की खबरें | एनआईए ने 2022 में आतंकवाद से संबंधित सर्वाधिक 73 मामले दर्ज किए

नयी दिल्ली, 31 दिसंबर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 2022 में अब तक के सर्वाधिक 73 मामले दर्ज किए। एजेंसी भारत को नुकसान पहुंचाने का इरादा रखने वाले आतंकवादी नेटवर्क को तबाह करने के लिए ‘समग्र दृष्टिकोण’ से काम कर रही है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मुख्य आरोपी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को प्रत्यर्पित कराने के लिए एजेंसी ‘‘उसके नेटवर्क पर दबाव डाल रही है।’’

हाल में अमेरिका में बराड़ की हिरासत की खबरें आई थीं लेकिन एजेंसी के सूत्रों ने कहा कि वे ‘‘अपुष्ट’’ खबरें थीं। बराड़ के खिलाफ इंटरपोल का गिरफ्तारी वारंट जारी है और कनाडा में उसका वीजा समाप्त हो चुका है। अधिकारियों ने कहा कि कानून का सामना करने के लिए उसे भारत वापस लाने के प्रयास जारी हैं।

आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी ने साल के अंत में अपनी कार्रवाई के संबंध में आंकड़े जारी किए हैं। एजेंसी ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कुछ अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामलों में ‘जिहादी आतंकवाद’, गैंगस्टर-आतंकवाद-ड्रग तस्करों का गठजोड़, आतंकवादी वित्तपोषण समेत कई मामले हैं। इनमें प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ मामले भी हैं।

एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘एनआईए ने 2022 में 73 मामले दर्ज किए, जो 2021 में दर्ज 61 मामलों से 19.67 प्रतिशत अधिक है। यह एजेंसी के लिए अब तक के सर्वाधिक मामले हैं।’’

अधिकारियों ने कहा कि 2019 और 2020 में एजेंसी द्वारा औसतन लगभग 60 मामले दर्ज किए गए। इस साल दर्ज किए गए मामलों में जम्मू कश्मीर, असम, बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में ‘जिहादी आतंकवाद’ के 35 मामले शामिल हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से जुड़े 10 मामले, पूर्वोत्तर में उग्रवादियों से जुड़े पांच मामले, पीएफआई से जुड़े सात मामले, गैंगस्टर-आतंकवाद-ड्रग तस्कर साठगांठ के तीन मामले, आतंकवादी वित्तपोषण का एक मामला और दो मामले जाली मुद्रा से संबंधित हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एजेंसी ने वर्ष के दौरान 368 व्यक्तियों के खिलाफ कुल 59 आरोप पत्र दायर किए। आंकड़ों के मुताबिक, ‘‘2022 में 38 मामलों में फैसले सुनाए गए हैं, सभी में दोषसिद्धि साबित हुई। 109 व्यक्तियों को सश्रम कारावास और जुर्माना तथा छह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।’’

आंकड़ों के मुताबिक, एजेंसी के लिए कुल दोषसिद्धि दर वर्तमान में 94.39 प्रतिशत है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एनआईए ने इस साल 456 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 19 भगोड़े भी शामिल हैं।

अधिकारियों ने कहा कि एनआईए ‘आतंकी नेटवर्क पर प्रहार करने के लिए समग्र दृष्टिकोण से’ तथा अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों एवं राज्य संगठनों के साथ समन्वय में काम कर रही है, ताकि पूरे आतंकवादी ढांचे को नष्ट कर दिया जाए।

अधिकारी ने कहा कि वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद गठित इस एजेंसी ने देश के भीतर अपना विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि एनआईए की शाखाएं अब 18 हो गई हैं और अगले साल तक यह आंकड़ा 24 तक पहुंचने की उम्मीद है।

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