नयी दिल्ली, 29 सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कश्मीरी अलगाववादी महिला की याचिका का विरोध किया है जिसमें उसकी सास के घर को कुर्क किए जाने को चुनौती दी गई है। एनआईए ने कहा कि इस घर का इस्तेमाल ‘आतंकी गतिविधियों’ और यहां तक कि ‘पाकिस्तान दिवस’ मनाने में भी किया गया था।
जांच एजेंसी ने अपने जवाब में दावा किया कि कुर्क किये गये घर का इस्तेमाल आसिया अंद्राबी द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत (डीईएम) के कार्यालय के तौर पर किया गया जहां बैठकों के दौरान भारत विरोधी भाषण दिए गए और पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए गए थे।
एनआईए ने कहा कि आपत्तिजनक सामग्री के वितरण के अलावा कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा और भारत को हमलावर बताने के लिए इसके परिसर में पाकिस्तानी ध्वज भी फहराया गया था।
दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख अंद्राबी ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अगस्त में उच्च न्यायालय का रुख किया था। निचली अदालत ने एनआईए द्वारा घर की कुर्की किए जाने में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।
एनआईए ने अपने जवाब में बताया कि घर का इस्तेमाल देश की एकता और संप्रभुता को अस्थिर करने के लिए किया गया।
जांच एजेंसी ने कहा कि अंद्राबी ने सोशल मीडिया मंच का इस्तेमाल विद्रोही सामग्री और नफरत भरे भाषण फैलाने में किया ताकि भारत की एकता, सुरक्षा, संप्रभुता को खतरे में डाला जा सके।
एनआईए ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में विभिन्न कानून के तहत आसिया अंद्राबी पर 39 मामले दर्ज हैं।
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