नयी दिल्ली, 27 नवंबर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विशाखापत्तनम के फर्जी भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) मामले में शुक्रवार को तीसरा पूरक आरोप पत्र दायर किया। इस मामले में बांग्लादेशी तस्कर भी संलिप्त थे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि विजयवाड़ा में विशेष एनआईए अदालत के समक्ष भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दायर आरोप पत्र में पश्चिम बंगाल के निवासी इनाम-उल-हक को नामजद किया गया है, जो बांग्लादेश के अपने सहयोगियों से जाली मुद्रा लेकर उनकी तस्करी और वितरण में शामिल था।
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अधिकारी ने कहा कि राज्य के मालदा जिले के निवासी हक को एनआईए ने तीन सितंबर को गिरफ्तार कर लिया था।
उन्होंने कहा कि उसने इस मामले में गिरफ्तार मोहम्मद महबूब बेग, सैयद इमरान, फिरोज शेख और तजम-उल-शेख उर्फ भूत के साथ मिलकर 10,20,000 मूल्य की जाली मुद्रा खरीदी और फिर उन्हें बेग तथा इमरान को वितरण के लिये सौंप दिया।
अधिकारी ने कहा कि 31 मार्च 2018 को विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर बेग और इमरान से जाली मुद्रा बरामद होने के बाद यह मामला सामने आया था।
एजेंसी ने इस मामले में विशेष एनआईए अदालत में बेग और इमरान के खिलाफ 29 जून 2018 को पहला आरोप दायर किया था। बाद में उन्हें दोषी करार दिया गया और 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई थी और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
एनआईए ने फिरोज और तजमुल को भी गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ पिछले साल जुलाई में आरोप पत्र दायर किया गया था। हक और उसके बांग्लादेशी साथियों के खिलाफ जांच अभी जारी है।
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