देश की खबरें | एनआईए ने भाकपा (माओवादी) की क्षेत्रीय समिति के एक सदस्य के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया

नयी दिल्ली, 22 फरवरी राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने शनिवार को कहा कि बिहार के मगध क्षेत्र में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की क्षेत्रीय समिति के एक सदस्य के खिलाफ संगठन को फिर से खड़ा करने और उसे मजबूत करने के सिलसिले में आरोप-पत्र दायर किया गया है।

एनआईए ने एक बयान में कहा कि पटना की एक विशेष अदालत के समक्ष मामले में दायर अपने तीसरे आरोप-पत्र में संघीय एजेंसी ने प्रतिबंधित संगठन के उत्तर बिहार मध्य जोनल कमेटी के सदस्य बिहारी पासवान पर भारतीय दंड संहिता और आतंकवाद विरोधी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आरोप लगाया है।

इसमें कहा गया है कि वह चौथा आरोपी है जिसके खिलाफ इस मामले में आरोप-पत्र दाखिल किया गया है।

बयान में कहा गया है, ‘‘एनआईए की जांच में पता चला है कि अगस्त 2024 में गिरफ्तार बिहारी पासवान को आईईडी (परिष्कृत विस्फोटक उपकरण) बनाने का प्रशिक्षण दिया गया था। अन्य आरोपियों के साथ, वह भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने के उद्देश्य से गैरकानूनी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था।’’

एनआईए ने आरोप लगाया है कि पासवान ने पहले से गिरफ्तार आरोपियों में से एक, पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रमोद मिश्रा के निर्देश पर बेगूसराय-खगड़िया क्षेत्र में भाकपा (माओवादी) को मजबूत करने के लिए सह-षड्यंत्र रचा था।

एजेंसी ने कहा कि पासवान प्रमोद मिश्रा और अन्य नेताओं को रसद सहायता प्रदान करता था, और ईंट-भट्ठा मालिकों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जबरन वसूली के माध्यम से प्रतिबंधित संगठन के लिए धन जुटाने में भी शामिल था।

एनआईए ने बेगूसराय से गिरफ्तारी के दौरान पासवान के पास से भाकपा (माओवादी) से जुड़े मोबाइल फोन और पत्र बरामद किए थे।

आतंकवाद निरोधी जांच एजेंसी ने अक्टूबर 2023 में गया क्षेत्र के निवासी प्रमोद मिश्रा और विनोद मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

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