देश की खबरें | एनआईए अदालत ने आतंकी संगठन एचयूटी के सदस्य को पांच साल की सजा सुनाई

नयी दिल्ली, 12 नवंबर चेन्नई में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने आतंकवादी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) के एक सदस्य को प्रतिबंधित संगठन की विभाजनकारी और हिंसक विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए दोषी ठहराया और पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

एनआईए द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया कि अब्दुल्ला उर्फ ​श्रवण कुमार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराधों के लिए 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

बयान में कहा गया है कि सोमवार को सुनाए गए फैसले में अदालत ने कुमार को गैरकानूनी गतिविधि के लिए दूसरों को सलाह देने या उकसाने का दोषी पाया।

एनआईए की जांच से पता चला कि आरोपी ने एचयूटी के लिए भी सहयोग मांगा था, जिसका उद्देश्य भारत जैसे देशों में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारों को अस्थिर करना है।

बयान में कहा गया कि इस एजेंडे के तहत आरोपी ने 2021 में दो मौकों पर अपने फेसबुक अकाउंट ‘अब्दुल्ला इब्न सुब्रमण्यम’ पर पोस्ट अपलोड किए थे, जिसका स्पष्ट उद्देश्य भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को प्रभावित करना था।

एनआईए की जांच के अनुसार, उसने भारत सरकार के प्रति असंतोष को बढ़ावा देने का प्रयास किया था और गैरकानूनी गतिविधि करने के इरादे से दूसरों को सरकार के खिलाफ अपराध के लिए उकसाया था।

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